Read latest updates about "संबंध" - Page 3

  • अरेंज मैरिज बनाम लव मैरिज

    पहले माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपनी ही बिरादरी में कोई रिश्ता ढूंढ लेते थे लेकिन अब उनके बच्चे गैरबिरादरी में से किसी को भी पसंद कर प्रेम विवाह रचा लेते हैं। आज के युवक-युवतियां आजाद ख्यालों के हैं। वे धर्म, जाति, बिरादरी इन सबमें विश्वास नहीं रखते मगर फिर भी सबके अलग-अलग विचार हैं। जहां आज लव...

  • मिल जुल कर ही महकता है दांपत्य

    जब वैवाहिक सूत्र में बंध ही गए हैं तो उसे सफल बनाना पति-पत्नी दोनों पर ही निर्भर करता है। परिवार के सदस्यों का योगदान तो बहुत कम होता है। यदि दोनों पार्टनर अपनी जिम्मेदारियों को सही रूप देते रहें तो यह बगिया हमेशा महकती रहेगी। दोषारोपण न करें:- कुछ गलतफहमी होने पर एक दूसरे को दोष न दें। स्पष्ट रूप...

  • एकतरफा नहीं होता प्यार

    जो एकतरफा हो, वह प्यार नहीं कहलाता। वह महज आकर्षण होता है जिसका कोई भविष्य नहीं। प्यार तभी परवान चढ़ता है जब दो दिल मिलते हैं, आंखें जुबां बन जाती हैं, साथ जीने मरने की कसमें खाई जाती हैं। कृति और पुनीत पड़ोसी थे। साथ खेलते खाते कब पुनीत का झुकाव कृति की ओर हो गया, इससे कृति काफी समय तक अनभिज्ञ...

  • पति-पत्नी के बीच तीसरा क्यों

    पारिवारिक जीवन में यदा-कदा ऐसी समस्याएं आ जाती हैं जो देखने में मामूली सी लगती हैं पर इनकी जड़ें इतनी गहरी होती हैं कि संपूर्ण खुशहाल जिंदगी को विषाक्त कर देती हैं। ऐसी ही एक गंभीर समस्या है पति-पत्नी के मधुर संबंधों के बीच किसी तीसरे का आना या हस्तक्षेप करते रहना। पति-पत्नी का संबंध जितना गहरा और...

  • सफल वैवाहिक जीवन - कुछ जरूरी टिप्स

    पति व पत्नी अपनी सभ्यता, संस्कृति और आदर्श कभी न भूलें। हमेशा स्वदेशी वस्तुओं का ही प्रयोग करें। जब भी अपने मन में गिला-शिकवा या शक हो तो आमने-सामने बैठकर प्यार से मन की बात कह कर समझौता कर लें। कागज पर भी मन की बात लिखकर दी जा सकती है। एक दूसरे की आवश्कताओं, रूचि व इच्छा पर ध्यान दीजिए जिससे कलह...

  • कद्र करें एक दूसरे की भावनाओं की

    शादी के बाद हर दंपति की चाहत होती है कि खुश रहें और सफल रहें। अपने दांपत्य जीवन में इस इच्छा को पूरा करने के लिए दोनों में कुछ त्याग की भावना का होना और एक दूसरे की भावनाओं को समझना जरूरी होता है। यदि एक दूसरे की भावनाओं को समझ कर सम्मान किया जाए तो गृहस्थी की नींव पक्की रहती है। खुशियां ढूंढने...

  • सुखानुभूति के लिए अनिवार्य है दुख का आस्वादन भी

    एक कहावत है जितने दिन जेठ तपता है, उतने ही दिन सावन बरसता है। जेठ में जितने दिन पुरवाई चलती है, हवा ठंडी हो जाती है, उतने ही दिन सावन में धूल उड़ती है। जेठ नहीं तपेगा तो सावन भी नहीं बरसेगा, यह एक वैज्ञानिक सत्य भी है लेकिन एक बात यह भी है कि यदि ग्रीष्म कष्टदायक है तो वर्षा आनंददायक। यही बात...

  • जब पति हो आशिक मिजाज

    विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षण स्वाभाविक है। चाहे स्त्री हो या पुरूष, इससे कोई अछूता नहीं रहता। अपने साथी द्वारा आकर्षक विपरीत लिंगी की तारीफ करना, फब्ती कसना या मजाक करना तो पति पत्नी स्वीकार कर लेते हैं पर जहां जरा सी यह भनक लगे कि पति या पत्नी में से किसी एक पर किसी अन्य से आशिकी का भूत सवार हो...

  • पति की पूर्व प्रेमिका को लेकर कलह न करें

    सुमन को अपनी खूबसूरती पर बहुत घमंड था। माता पिता समृद्ध थे, सुमन की हर ख्वाहिश पूरी करते। सुमन के पापा की फैक्ट्री में संजीत बतौर इंजीनियर कार्यरत था। संजीत हैंडसम तो था ही, खुशमिजाज प्रभावशाली व्यक्तित्व भी रखता था। सुमन ने पहली ही नजर में उसे अपना दिल दे दिया। अब रात दिन सोते जागते वह संजीत को...

  • स्त्री पुरूष संबंध: आखिर क्यों करते हैं लोग छेड़छाड़?

    आदमी की मानसिक और शारीरिक बनावट का अध्ययन करने वाले बताते हैं कि पुरूष में जब तक पुरूष-प्रधान हार्मोन की प्रबलता रहेगी, जो हजारों साल से है और हजारों साल तक रहेगी, तब तक वह महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करता रहेगा और नारी-मुक्ति का कोई भी आंदोलन और दुनिया का कोई भी कानून पुरूष के इस प्राकृतिक स्वभाव को...

  • रिश्ते-मानव जीवन का आधार

    आदिकाल से ही मनुष्य सामाजिक प्राणी रहा है जिससे हमारी सामाजिक व्यवस्था में आपसी रिश्तों की भी सुदृढ़ परंपरा रही है और यही परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी सौंपने की अविरल परिपाटी भी है। परिवारों में रिश्तों का महत्त्व किसी से छुपा हुआ नहीं है। हमारे समाज व परिवार में बच्चों को शैशवास्था से ही रिश्तों के संबंध...

  • सफल दांपत्य जीवन - अनुभव के मोती

    हर दंपति चाहता है कि उनके बीच सदैव मधुर संबंध बने रहें। कुछ दंपतियों के मध्य इतना प्रेम होता है कि उनका दांपत्य जीवन सदैव खुशगवार बना रहता है तो कुछ दंपतियों में हमेशा कुछ न कुछ खटपट होती ही रहती है। उनके दांपत्य जीवन में कड़वाहट भर जाती है। परिवार का माहौल बिगड़ जाता है। आखिर ऐसा क्यों होता है?...

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