Read latest updates about "संबंध" - Page 3

  • दांपत्य जीवन में मधुर संबंध

    शादी की चाह सभी युवक-युवतियों में होती है। शादी के बाद सभी दंपति चाहते हैं कि उनका दांपत्य संबंध मधुर और अच्छा बना रहे लेकिन दांपत्य संबंध ऐसे ही अच्छे नहीं बन जाते। सुखी व मधुर दांपत्य संबंध के लिए दोनों को एक-दूसरे के प्रति समर्पित बनना पड़ता है। अपनी-पसंद नापसंद, रहन-सहन व खान-पान में अपने...

  • कैसे खुश रहें पति पत्नी

    दिन की शुरूआत ही यदि तनाव या डिप्रेशन से हो तो सारा दिन ही बिगड़ जाता है, अत: इंसान को हर दिन सुबह जागते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि उसका आज का दिन जीवन का सबसे अच्छा व नया दिन हो। तभी वह अपने दिन को खुशहाल बना सकता है। खुशी एक ऐसी सौगात है जिससे खुद का जीवन तो संवरता ही है, आसपास के...

  • दूसरे के घरेलू मामलों में ताक-झांक न करें

    औरत और ईष्र्या एक दूसरे के पर्याय हैं। यह भावना आगे बढऩे में सबसे बड़ी रूकावट है। झूठे अहम् का दंभ और र्ईष्र्यालु स्वभाव एक ऐसी निरर्थकता की संरचना करता है जिसमें ऊब-डूब करती गृहिणी अपने अस्तित्व को व्यक्तिहीन बना लेती है।क्यों नहीं सीख लेती है वे जीने की कला? क्या यह कार्य इतना मुश्किल है? क्या...

  • जीवन में आवश्यक है संतुलन

    मनुष्य को अपनी ढलती उम्र के साथ जीवन में हर प्रकार से संतुलन बनाये रखने की आवश्यकता होती है। हम अपने मन-मस्तिष्क को काबू में रखकर ही सुखमय जीवन का आनन्द ले सकते हैं। भावनाओं के वेग को भी मन की मजबूत डोर से जकड़ कर अपने वश में ही रखना होता है। फिर चाहे जीवन में कितनी ही मुश्किलें आएं या विपदाएं राह...

  • अच्छे रिलेशन्स के लिए

    आपके संबंधों में दरार न आए, इसके लिए जीवन में अच्छे रिलेशनशिप का होना जरूरी है। आपके संबंध अच्छे हों, इसके लिए नीचे कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं कि आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए:-क्या करें- आपके एक रिश्ते के टूट जाने पर तुरंत दूसरा पार्टनर न तलाश करें। अपने लिए कुछ समय निकालें और एंजॉय...

  • क्यों होता है प्यार बड़ी उम्र की महिलाओं से

    यह इंसानी फितरत है कि वह हमेशा कुछ नये सुख व आकर्षण की खोज में रहता है। अब इस नये टे्रंड को ही लें जहां एक ग्रेसफुल सलीकेदार मृदुभाषिणी स्त्री उम्र के चौथे पांचवें दशक में अपने से बरसों छोटे युवकों को अपने आकर्षण में बांधने लगी हैं। समाज में ऐसी अनगिनत औरतें हैं जो खेली खाई होने के कारण...

  • स्त्री-पुरूष मित्रता की मर्यादा

    आजकल अधिकांश लोगों में दोस्ती का अर्थ है 'डेट' पर जाना, फिल्म देखना, बांहों में बांहें डालकर घूमना, क्या यह दोस्ती है? यह एक टाइम पास दोस्ती होती है। थोड़े ही दिनों में ऐसी दोस्ती टूट जाती है और फिर नये दोस्त के साथ यही सब कुछ होता है। ऐसे लोग आधुनिकता के नाम पर दोस्ती के अर्थ को बदल रहे हैं। यह...

  • क्यों भागते हैं घर से लोग?

    आज का सामाजिक यथार्थ क्या है? जीवन की जटिलता व चीजों के मकडज़ाल में फंसे उपभोक्ताओं का स्वयं कमोडिटी में बदल संवेदनहीन हो जाना, जीवन से सरलता का लुप्त हो जाना, रिश्तों का माधुर्य तनावों के चलते कड़वाहटों में बदल जाना, हर क्षेत्र में गलाकाट अस्वस्थ प्रतियोगिता, जरूरत की वस्तुओं के बढ़ते दाम और नौकरी...

  • महिलाओं में विवाहेत्तर संबंधों का बढ़ता चलन

    पहले अक्सर यह सुना जाता था कि उक्त पुरूष के उक्त औरत के साथ नाजायज संबंध हैं। इन अवैध संबंधों की त्रासदी की शिकार मुख्य रूप से पत्नी ही होती थी परंतु आज बदलते जमाने में जहां काफी कुछ बदल गया है, वहीं विवाहेत्तर संबंधों में महिलाएं भी पुरूषों से पीछे नहीं रहीं। जिस तरह पति, दूसरी औरत से...

  • पति की मित्र बनें, शासक नहीं

    अधिकतर परिवारों में देखा जाता है कि पत्नी या तो पति से दब कर रहती है या उस पर शासन करती है जबकि ये दोनों स्थितियां ही उसके जीवन को अंधकारमय बनाती हैं। अगर पत्नी सदा पति को ताने देगी, उसकी परेशानियों को समझने का प्रयत्न नहीं करेगी तो ऐसे में कौन-सा पति घर में रहना पसन्द करेगा? वह सच्चे सुख की तलाश...

  • दांपत्य जीवन रसमय बनायें

    दांपत्य जीवन के सुखमय और आनंदयुक्त आधार के लिए जितना दांपत्य प्रेम आवश्यक है, उतना ही आवश्यक सेक्स संबंध भी हैं। इन दोनों में से किसी का भी संतुलन गडबड़ा जाने से दांपत्य जीवन में नीरसता का आना स्वाभाविक है। जब कोई पति उम्र के चढ़ते दौर में पत्नी को अपनी बाहों में लेकर प्रेमगीत सुनाए...

  • प्यार के नये अंदाज

    समाज में बदलाव की जो आंधी चली है उसमें प्यार जैसी पवित्र भावना का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। प्यार जिस तरह पल भर में होता है उसे मिटते भी देर नहीं लगती। टैक्नोलोजी के इस युग में प्यार में अब वो पहले सी गहराई कहां? आज की पीढ़ी के लिए प्यार महज़ टाइम पास बन गया है। फिर प्यार को...

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