प्यार के नये अंदाज

प्यार के नये अंदाज

समाज में बदलाव की जो आंधी चली है उसमें प्यार जैसी पवित्र भावना का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। प्यार जिस तरह पल भर में होता है उसे मिटते भी देर नहीं लगती।
टैक्नोलोजी के इस युग में प्यार में अब वो पहले सी गहराई कहां? आज की पीढ़ी के लिए प्यार महज़ टाइम पास बन गया है। फिर प्यार को परवान चढ़ाने के लिए जिस वक्त की जरूरत होती है वो भी किसके पास है।
अमीरजादे हुए तो लड़की पटाना बहुत आसान है। महंगे तोहफे, ब्रान्डेड आयटम्स, डायमंड ज्वैलरी, बुकेज, चाकलेट्स और महंगे होटलों में ट्रीट, पीवीआर या अन्य बढिय़ा थिएटरों में मूवीज, नाइटक्लबों की सैर, पब में पीना पिलाना।
जिसके साथ डेट पर जाएं, फ्लर्ट करें, कुछ समय स्टेडी चलते रहें, जरूरी नहीं कि शादी भी उसी से करें। ये है आज के चलताऊ प्यार का नया अंदाज। यहां प्यार में भावना की जगह तर्क का जोर रहता है। प्यार सोच समझकर बड़े ही केलक्युलेटेड तरीके से आगे बढ़ाया जाता है। यह पहली नजर के प्यार से डिफरेंट होता है।
आज प्यार प्राइवेट अफेयर न रहकर प्रदर्शन की वस्तु बन गया है। इंटरनेट पर ब्लाग की सुविधा है। फेसबुक और ऑरकुट जैसी साइट्स हैं जहां ओपनली प्यार का इज़हार होता है। यहां भावनाओं पर तकनीक का मुलम्मा चढ़ा होता है।
आज हर तरफ हर बात का बहुत ज्यादा एक्सपोजऱ है। उन्मुक्तता के इस वातावरण में तकनीक ने इसे बहुत बढ़ावा दिया है बल्कि बढ़ावे का कारण ही तकनीक है। आज प्यार की एक वाहियात भाषा डेवलप हो रही है। यहां डिसेंसी की परवाह नहीं है। अब लिरिक्स में ही 'कमीने' व 'पाजी' जैसे शब्द इस्तेमाल होने लगे हैं।
आज 'वर्जिनिटी' शब्द आउटडेटेड माना जाने लगा है। प्यार की पवित्रता जैसी बात कोई नहीं करता। प्यार में सारी वर्जनाएं टूट चुकी हैं। विवाहपूर्व शारीरिक सुख उठाना बड़ी आम बात है। यह लेफ्टी जनरेशन है जिनके दिमाग का राइट साइट काम करना बंद कर चुका है। संवेदनाओं से अब इन्हें कुछ लेना देना नहीं। कल किसने देखा है, इसलिए जो करना है, आज, अभी, तुरंत कर डालो। पेशंस किसे है। अगर किसी लड़की में संस्कारों का जरा सा भी अंश विवाहपूर्व सैक्स करने से उसे रोकता है, लड़का अगर उससे एंगेज्ड है तो सगाई तोड़ देता है।
विवाहेत्तर संबंधों की आज गिनती नहीं। मुख्य कारण औरत का अन्य पुरुषों के सान्निध्य में देर तक रहना, पति के साथ कम वक्त गुजारना और इस तरह आपसी समझ न बढ़ पाना है। घर में रहते हुए भी इनहीबिटेड प्यार का मज़ा लेतीं वे लवंर के साथ 'टैक्सटुअल इंटरकोर्स' में मौका मिलते ही लिप्त हो जाती हैं। इस प्यार में थ्रिल है, मज़ा है क्योंकि यह वर्जित है, रूटीन से हटकर हैं। इसमें नियमों को तोडऩे का जोश शामिल है। विद्रोह के स्वर हैं। अपनी एक अलग हस्ती है जो पुरानी पीढ़ी की गृहणियों सी सस्ती नहीं है।
- उषा जैन 'शीरीं'

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