प्यार पाने के लिए प्यार करो

प्यार पाने के लिए प्यार करो

प्यार पाने के लिए आवश्यक है कि प्यार किया जाए। कौन है भला जो प्यार नहीं पाना चाहता और मिलने पर बदले में प्रेम का उत्तर प्रेम से न दे।
प्यार तो पशु-पक्षी तक भी पाना चाहते हैं और बदले में प्यार देते भी हैं। घर में पाले हुए किसी पशु-पक्षी का अपने प्रति व्यवहार देखिए कि किस प्रकार वह आप से प्यार पाने को उत्सुक रहता है और जब उससे प्यार किया जाता है तो वह किस प्रकार प्रसन्नता से विभोर सा हो जाता है।
यही हाल हमारा भी है। हमारे घर-परिवार का हर सदस्य हम से प्यार पाने को उत्सुक रहता है। आप उनसे प्यार कीजिए और प्रति उत्तर में प्यार पाइए। आपने देखा होगा कि किसी भी बच्चे को जिससे आप बहुत प्यार करते हैं, वह अन्य किसी के पास जाने की अपेक्षा आप के पास आने को अधिक लालायित रहता है। आपसे वह सर्वाधिक प्यार करता है।
किसी से भी भरपूर प्यार पाने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उससे भरपूर प्यार किया ही जाए बल्कि आवश्यक है कि उससे अपना भरपूर प्यार जताया भी जाए।
आपने देखा होगा कि प्रेमी या प्रेमिका में किसी एक के दूसरे को केवल चाहने से ही बात नहीं बनती बल्कि बात तब बनती है जब उनका एक-दूसरे के प्रति अपना भरपूर प्यार जताया जाता है तथा अपने प्यार का एक दूसरे को विश्वास दिलाया जाता है। यही बात सफल दांपत्य जीवन के लिए भी आवश्यक है। इसके लिए पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति तथा परिवार के प्रत्येक सदस्य का एक दूसरे के प्रति भरपूर प्यार प्रकट करना आवश्यक है। यदि परिवार का प्रत्येक सदस्य एक दूसरे से भरपूर प्यार पाना चाहता है तो उसे सभी से प्यार करना भी चाहिए। इसी प्रकार हमारे अन्य व्यवहारिक संबंध चाहे वे अपने मित्रों से हों, पड़ोसियों से या अपने कार्यालय के आफिसरों आदि से हों, यदि उन्हें प्रेममय बनाना है तो इसके लिए सर्वप्रथम हमें ही प्रयास करना चाहिए। मित्रों से, सहयोगियों से या अन्य जनों के प्रति अपने व्यवहार को प्रेममयी बनाना चाहिए। उनके प्रति अपने प्यार अथवा हमदर्दी प्रकट करेंगे तो प्रति उत्तर में भी हमें उनसे प्यार या हमदर्दी मिलेगी। इसीलिए यह आवश्यक है कि यदि प्यार पाना है तो हमें प्यार करना भी आना चाहिए।
- राज ऋषि शर्मा

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