जब दिल टूट जाए

जब दिल टूट जाए

दिल से दिल लगाकर रखना अच्छा होता है किंतु इन सब से भारी दिल का टूटना होता है। दिल का टूटना अत्यंत पीड़ादायी होता है। इस अपरिभाषित दर्द को वैज्ञानिक भी स्वीकारते हैं। लड़कियां दिल के टूटने से अपना रूप बदल लेती हैं, बनाव-श्रृंगार एवं पहरावा बदल लेती हैं। वे अपना व्यक्तिगत व्यवहार भी बदल लेती हैं।

लड़के दिल टूटने पर उदास हो जाते हैं और अपनी स्थिति पागलों जैसी बना लेते हैं। बाल व दाढ़ी बढ़ा लेते हैं। कपड़े नहीं बदलते। खाना पीना त्याग देते हैं। गुमसुम हो जाते हैं, खामोश रहते हैं। दिल के टूटने से इनके सामने हार्ट अटैक तक की नौबत आ जाती है। यह आशंका बढ़ जाती है। कुछ लोग आत्महत्या करने जैसा आत्मघाती कदम उठाते हैं। यहां हम ऐसे मामलों में होने वाले हार्ट अटैक की जानकारी दे रहे हैं।

लक्षण

. धड़कनें तेज हो जाती हैं जो स्पष्ट सुनी जा सकती हैं।

. सोने से पूर्व सीने में दर्द होता है।

. शरीर निस्तेज व सुस्त रहता है।

. भूख-प्यास कम लगती है। होठों पर पपड़ी जम जाती है।

. मन बेचैन हो जाता है। चिड़चिड़ापन हावी हो जाता है।

. नींद नहीं आती, किसी काम में मन नहीं लगता।

. भीड़ में अकेला व अजनबी जैसा अनुभव होता है।

सावधानी व बचाव के उपाय

. पौष्टिक एवं समुचित स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।

. धूम्रपान, नशापान से दूर रहें।

. बीपी, शुगर नियंत्रित रखें।

. वजन, मोटापा बढऩे न दें।

. तनाव व क्रोध से बचें। हंसमुख रहने का प्रयास करें।

. पड़े रहने की बजाय योग, व्यायाम ध्यान करें

. अकेले रहने से बचें। मनपसंद साथी के साथ घूमें।

. अपनी रूचि का काम करें

. पालतू जीवों के साथ रहें।

. कलम ब्रश चलाएं। फूल-पौधों की सेवा करें।

. पूजा स्थल जाएं।

. बस स्टैण्ड या स्टेशन में बैठकर आने-जाने वालों को देखें।

. जरूरतमंदों का यथा संभव सहयोग करें।

. तनाव, उदासी एवं एकाकीपन को हावी होने न दें।

. हर तरह से व्यस्त रहने का उपाय करें।

. समय हर तरह के घाव को भर देता है।

दिल टूटने के बाद क्या होता है:- व्यक्ति दुख, तनाव एवं अवसाद में चला जाता है। हृदय की धड़कन बहुत धीमी हो जाती है। जिससे रक्त प्रवाह प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। रक्त जमा होने लगता है। धड़कन पर प्रभाव पड़ता है जो दर्द वाले आघात का कारण बनता है।

भावनाओं के उतार-चढ़ाव के कारण कोरोनरी में अवरोध पैदा होता है। धमनियों के भीतर की चिकनी सतह खुरदुरी हो जाती है। उसमें कोलेस्ट्राल जैसा तत्व जमा होने लगता है। खून जमना शुरू हो जाता है जो घातक होता है एवं आगे चल कर हार्ट अटैक का कारण बनता है।

- सीतेश कुमार द्विवेदी

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