दांपत्य में बनी रहे मिठास

दांपत्य में बनी रहे मिठास

क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है कि कुछ दंपतियों के बीच प्रेम की गंगा बहती रहती है तो कुछ दंपति छोटी-मोटी बातों को भी लेकर झगड़ते रहते हैं? यदि गौर किया जाय तो ज्ञात होगा कि अविश्वास, अहम्, एक-दूसरे से छिपाव-दुराव, एक दूसरे की पसंद-नापसंद आदि कई कारण हैं जो दांपत्य जीवन में कटुता उत्पन्न करते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका दांपत्य जीवन सदा मधुर बना रहे तथा कभी कटुता पैदा न हो तो आप निम्न बातों का अवश्य ध्यान रखें।

अहम् को त्याग दें: पति-पत्नी को चाहिए कि वे अपने बीच अहम् को न आने दें। दोनों को एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। एक दूसरे से कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। दोनों को चाहिए कि वे एक-दूसरे की भावनाओं को समझें तथा सम्मान करें। गलती होने पर माफी मांग लें। माफी मांगने में बिलकुल न हिचकें। किसी बात को प्रतिष्ठा का विषय बनाकर कभी भी आपस में लड़ाई-झगड़ा न करें। एक-दूसरे से माफी मांग लेने से इज्जत घटती नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की नजऱ में आदर व सम्मान और बढ़ ही जाता है।

कोई राज न छिपाएं: पति-पत्नी को एक दूसरे से कोई बात नहीं छिपानी चाहिए। पति-पत्नी का संबंध ही ऐसा होता है जिसमें राज या पर्दे के लिए कोई जगह नहीं होती। शादी के बाद कोई भी युवक-युवती पति-पत्नी के रूप में एक हो जाते हैं। उन्हें एक साथ जीवन व्यतीत करना होता है। दोनों एक दूसरे के सुख-दुख में भागीदार होते हैं, इसलिए मन में किसी तरह का छिपाव या राज नहीं रखना चाहिए अन्यथा राज खुल जाने पर परिवार में कलह उत्पन्न होती है। यदि किसी बात को लेकर दोनों (पति-पत्नी) में से किसी के भी मन में कोई विकार या शंका है तो उसे प्रकट कर देना चाहिए। इससे मन का गुब्बार या शक का कीड़ा निकल जाता है।

पूर्ण समर्पण: पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो जाना उनके बीच प्रेम और प्रगाढ़ता कायम रखता है। जब पत्नी अपना अस्तित्व पति में विलीन कर देती है, तब उसे पति से भरपूर प्यार व स्नेह प्राप्त होता है। पति-पत्नी दोनों को एक-दूसरे की भावनाएं समझनी चाहिए। एक दूसरे को प्रोत्साहित करना, सफलता पर बधाई देना तथा एक दूसरे के अन्दर छिपी प्रतिभा को निखारने में मदद देना आदि सफल दांपत्य जीवन के लिए आवश्यक होता है।

दिनचर्या में परिवर्तन लाएं:

दांपत्य जीवन में प्रेम प्रगाढ़ करने तथा मधुरता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि पत्नी-पति अपनी दिनचर्या में थोड़ा परिवर्तन लाएं। साल में एक-दो बार दोनों को साथ-साथ घूमने के लिए बाहर जाना चाहिए। पुराने दिनों की याद ताजा करनी चाहिए। इससे प्रेम में और वृद्धि होती है। एक ही तरह से जीवन जीते हुए जीवन में नीरसता आ जाती है इसलिए जीवन शैली में परिवर्तन आवश्यक होता है।

अटूट विश्वास: पति-पत्नी का एक दूसरे पर अटूट विश्वास होना चाहिए। यह सुखी दांपत्य जीवन की आधार शिला है। पति-पत्नी के मध्य अटूट विश्वास नहीं होगा तो दांपत्य जीवन को बिखरने में देर नहीं लगेगी। यदि आप चाहते हैं कि आपके दांपत्य जीवन में जीवनपर्यन्त स्नेह व मधुरता बनी रहे तो परस्पर विश्वास अवश्य बनाए रखें। एक दूसरे पर विश्वास रखने से ही पति-पत्नी के मध्य प्रेम प्रगाढ़ होता है।

सहनशीलता: कई बार पति-पत्नी का स्वभाव असमान होने से दोनों के बीच खटपट होती ही रहती है। इससे दोनों के बीच कटुता पैदा होती है, लेकिन सहनशील बनकर दांपत्य जीवन को कटु होने से बचाया जा सकता है, इसलिए जरूरी है कि दोनों सहनशील बनें। सहनशक्ति रखें। किसी विषय को लेकर पति को नाराज होने पर पत्नी को चाहिए कि वह चुप होकर सहनशीलता का परिचय दे। इसी तरह पत्नी के नाराज होने पर पति को चुप रहना चाहिए। जवाब देने से बात बढ़ती है और कलह बढ़ती है।

पसंद नापसंद: एक दूसरे की पसंद-नापसंद का अवश्य ख्याल रखें। पति-पत्नी एक-दूसरे की पसंद-नापसंद की ख्याल रखकर आपसी प्रेम प्रगाढ़ कर सकते हैं। दोनों को एक-दूसरे की पसन्द-नापसंद को ध्यान में रखकर ही कोई कार्य करना चाहिए। किसी काम को करने से पहले पति-पत्नी दोनों को आपस में राय-विचार जरूर कर लेना चाहिए।

किसी खामी को लेकर नहीं लड़ें: किसी गलती या खामी को लेकर एक-दूसरे पर दोषारोपण न करें बल्कि उन्हें ढूंढकर आपस में सुलझाने का प्रयास करें। यह हमेशा ध्यान में रखें कि कोई भी व्यक्ति सर्वगुण सम्पन्न नहीं होता। प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई कमी जरूर होती है। उसे नजरअंदाज करके ही एक दूसरे को समझाने का प्रयास करें।

समय-समय पर उपहार दें: किसी विशेष अवसरों पर पति-पत्नी को चाहिए कि वे एक-दूसरे को कोई न कोई उपहार अवश्य दें। शादी की सालगिरह, जन्मदिन या अन्य पर्व-त्यौहार के अवसर पर पति-पत्नी द्वारा एक-दूसरे को उपहार देने से आपसी प्रेम में वृद्धि होती है। यदि पति-पत्नी दोनों में से कोई भी बाहर घूमने जाए तो दूसरे के लिए कोई अच्छी चीज लाएं तथा अपने दूसरे जीवन साथी को उसे उपहार के रूप में जरूर दें। उपहार पाकर आपके जीवन साथी को बहुत खुशी होगी और उसके दिल में आपके प्रति प्रेम की भावना बढ़ेगी।

एक दूसरे के प्रति प्रेम प्रदर्शित करें: लम्बे मौन से आपसी संबंधों में कटुता पैदा होने लगती है, इसलिए पति-पत्नी दोनों को चाहिए कि वे एक दूसरे को अहसास कराते रहें कि उन्हें आपसे बेहद प्यार है। उनसे अलग रहने की आप कल्पना भी नहीं कर सकते। कभी-कभी शब्दों के माध्यम से व्यक्त प्यार पति-पत्नी को एक-दूसरे के बहुत ही करीब ला देता है।

यदि आप ऊपर बतलाई गई बातों को ध्यान में रखकर आचरण करेंगे तो आपके दांपत्य जीवन में प्रेम की गंगा बहती रहेगी और आपके दांपत्य जीवन में हमेशा मधुरता बनी रहेगी।

- अर्पिता तालुकदार

Share it
Top