कद्र करें एक दूसरे की भावनाओं की

कद्र करें एक दूसरे की भावनाओं की

शादी के बाद हर दंपति की चाहत होती है कि खुश रहें और सफल रहें। अपने दांपत्य जीवन में इस इच्छा को पूरा करने के लिए दोनों में कुछ त्याग की भावना का होना और एक दूसरे की भावनाओं को समझना जरूरी होता है।

यदि एक दूसरे की भावनाओं को समझ कर सम्मान किया जाए तो गृहस्थी की नींव पक्की रहती है। खुशियां ढूंढने के लिए दोनों को प्रयास करना पड़ता है। पेश हैं कुछ सुझाव दांपत्य जीवन को सफल और खुशनुमा बनाने के लिए-

पत्नी के लिए:-

- पति के दफ्तर जाते समय उन्हें यह कहना न भूलें कि, समय पर घर आइएगा। मैं आपका इंतजार करूंगी। ऐसा कहने से पति को अपने महत्त्व का पता चलता है।

- पत्नी को चाहिए कि पति के बर्थ डे को याद रखें और उन्हें विश करें और जताएं कि 'वो' आपके लिए विशेष हैं। उन्हें तोहफा देना भी न भूलें।

- पति की मनपसंद चीज़ कभी-कभी खरीदकर उन्हें देती रहें ताकि उन्हें अच्छा लगे।

- पति को अच्छा लगता है कि पत्नी पति का एक बच्चे की तरह ख्याल रखे और उसकी जरूरत की सभी चीजें उसके हाथ में दे।

- पति के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखें। सप्ताह में कम से कम एक बार उनकी पसंद का खाना बनायें और प्यार से परोसें। उनकी नापसंद चीज़ न बनायें और खाने की जि़द्द न करें।

- टिफिन को साफ सुथरे तरीके से सजा कर पैक करें ताकि खाना खाते समय वे आप को याद किए बिना न रह पायें।

- यदि आप घरेलू महिला हैं तो खाने से कुछ समय पूर्व या बाद में फोन कर पूछ लें कि खाना खाया है या नहीं। कामकाजी हैं तो समय निकाल कर फोन पर बात करें।

- पत्नी को चाहिए कि अपने माता-पिता, बहन भाइयों के बीच पति का मज़ाक न उड़ाए बल्कि उन्हें पूरा सम्मान दें ताकि परिवार के सदस्य भी उन्हें यथोचित सम्मान दें।

- 'मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं', ऐसा बातों और हरकतों से ज़ाहिर करें।

- पत्नी को चाहिए कि पति के परिवार के सदस्यों का सम्मान करें और उनके दोषों को बहुत अधिक उजागर न करें। बहस होने पर चुप रहें। बात ठंडी पडऩे के बाद पति को समझाएं।

- पति का मूड खराब होने पर अधिक सवाल जवाब न करें। कुछ समय के लिए अकेला छोड़ दें। थोड़ी देर तक मूड ठीक होने का इंतज़ार करें और मूड खराब होने का कारण प्यार से जानने का प्रयास करें।

- पत्नी को चाहिए कि पति के परेशान होने पर उसका मनोबल बढ़ाएं और सहयोग दें।

- कहीं बाहर जाते वक्त समय पर तैयार हो जायें और पति की परेशानी को न बढ़ाएं।

- कोशिश करें कि पति के आने से पूर्व अधिकतर रसोई के काम निपटा लें। प्यार से पति के साथ चाय पिएं। ऐसे में घर परिवार या पड़ोसी की बात को लेकर बहस न करें। कुछ प्यार भरा समय उनके साथ बिताएं। उन्हें अहसास करवायें कि आप सुबह से आपका इंतज़ार कर रही हैं।

पति के लिए:-

- पति को चाहिए कि पत्नी को केवल शारीरिक प्यार ही न करें बल्कि उसे मानसिक प्यार भी दें।

- कभी-कभी पत्नी को उसकी पसंद का उपहार देकर चौंकाएं जिससे उसे अहसास हो कि आप कितने 'केयरिंग' पति हैं।

- पत्नी की शिकायत को प्यार और धैर्य से सुनें। हर समय बिना बात सुने उसे डांटें नहीं।

- पत्नी का अपने प्रियजनों के बीच सम्मान करें ताकि प्रियजन भी उसका सम्मान कर सकें। यदि आप पत्नी की शिकायतों का पुलिन्दा खोलेंगे तो बाकी लोग भी उसकी कमियां ढूंढकर आपको बहकाएंगे।

- बाहर जाने से पहले या किसी कार्यक्रम पर जाने से पूर्व सलाह कर लें और समय निश्चित कर लें।

- अकेले बाहर जाना हो तो उसकी सूचना पत्नी को अवश्य समय पर दें।

- अपने मित्रों को बिना पूर्व सूचना घर पर खाने के लिए न बुलायें। कभी ऐसा हो भी जाये तो ऐसे में बाजार से कुछ रेडिमेड मंगा कर पत्नी की मदद करें।

- पत्नी के प्रियजनों को पूरा प्यार और सम्मान दें।

- पत्नी की हल्की-फुल्की मदद करते रहें ताकि गृहस्थ जीवन को वो बोझ न समझे।

- अगर कभी पत्नी मानसिक रूप से परेशान हो तो उसकी परेशानी को प्यार से जानने का प्रयास करें और उसे स्थिति से उभारने का प्रयास करें। उसका हौंसला बढ़ाएं।

- पत्नी के दु:ख सुख में उसे पूरा सहयोग दें। हो सके तो दफ्तर से अवकाश लेकर उसका ख्याल रखें। यह मत सोचें कि परिवार के अन्य सदस्य घर पर हैं। पत्नी को संतोष पति के साथ रहने पर ही मिलता है।

- अपनी गलती का अहसास करें। अपने अहं को आड़े न आने दें।

- कभी-कभी अपनी गलती के लिए 'सारी' बोलने से कतराएं नहीं।

- पत्नी की पसंद नापसंद का भी ध्यान रखें। बाजार से उसकी पसंद का कुछ खाने को लाते रहें।

- पत्नी को घुमाने ले जाते रहें। उसके मायके जाने पर अधिक रोक टोक न लगाएं।

- माह में एक बार आउटिंग पर ले जायें और उसकी पसंद का भोजन करवायें, फिल्म दिखाने ले जायें या पिकनिक पर जाने का कार्यक्रम बनाएं ताकि जीवन नीरस न बनकर खुशनुमा बना रहे।

- यौन संबंधों को आनंददायक बनाए रखने के लिए पत्नी की इच्छा का भी ध्यान रखें। अपनी जबरदस्ती उस पर न लादें।

- पति को चाहिए कि पत्नी के पहनावे पर ध्यान दे। उसकी उपेक्षा न करे। अच्छी लगने पर उसकी प्रशंसा करना न भूलें।

- पत्नी से प्यार भरी बातें करें। उसे यह अहसास करवायें कि वह आपके कितनी करीब है और उसकी प्रेजेन्स आपको अच्छी लगती है।

इस प्रकार पति पत्नी दोनों प्रयास करें कि हमें एक दूसरे के साथ खुशीपूर्वक रहना है, बस आवश्यकता है थोड़ी सी समझदारी की।

-नीतू गुप्ता

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