कैसे खुश रहें पति पत्नी

कैसे खुश रहें पति पत्नी

दिन की शुरूआत ही यदि तनाव या डिप्रेशन से हो तो सारा दिन ही बिगड़ जाता है, अत: इंसान को हर दिन सुबह जागते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि उसका आज का दिन जीवन का सबसे अच्छा व नया दिन हो। तभी वह अपने दिन को खुशहाल बना सकता है।
खुशी एक ऐसी सौगात है जिससे खुद का जीवन तो संवरता ही है, आसपास के वातावरण को भी सुखद बनाया जा सकता है लेकिन बहुत कम ही ऐसे खुशकिस्मत होते हैं जो जीवन के हर लम्हे का लुत्फ उठा सकें, जीवन का भरपूर सुख एवं आनंद उठा सकें। आज का इंसान धन-दौलत को ही सबसे बड़ा सुख मानता है। यही सोच उसके व्यक्तित्व पर इस कदर हावी रहती है कि जीवन की अन्य खुशियों की ओर उसका ध्यान जाता ही नहीं।
प्राय: पति-पत्नी में इस बात को लेकर तनाव रहता है कि पति घर-गृहस्थी पर ध्यान नहीं देता। पत्नी चाहती है पति उसके साथ घूमे-फिरे, मौज मस्ती करे लेकिन पति है कि उसे पैसा कमाने के अलावा कुछ सूझता ही नहीं। उसके लिए जीवन में पैसा ही सब कुछ है। इसी के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। माना कि पैसा जि़ंदगी की जरूरत है लेकिन इससे आप सारी खुशियां हासिल नहीं कर सकते। खुशियां खरीदी नहीं जा सकती। पैसा आपके पास चाहे जितना हो लेकिन खुशियां अर्जित करना आपके सकारात्मक दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।
अगर आप सचमुच में खुशी हासिल करना चाहते हैं तो छोटी-छोटी बातों में खुशियों के खजाने को ढूंढना होगा जैसे काम करते वक्त गुनगुनाना, कुछ समय निकालकर घर-परिवार, दोस्तों के साथ हंसी मज़ाक करना, जन्म दिन या शादी की सालगिरह मनाना, सामाजिक कार्यों व उत्सवों में भाग लेना, कभी कभार सपरिवार टहलने निकलना, कभी पिकनिक पर जाना। ये बातें सुनने में तो हैं बड़ी छोटी पर इससे जि़ंदगी की बड़ी से बड़ी खुशी हासिल हो जाती है जो लाखों रूपये खर्च करने पर भी हासिल नहीं हो पाती।
आज पति-पत्नी दोनों हर समय कहीं न कहीं व्यस्त रहते ही हैं। वे न तो एक-दूसरे के लिए पूरा वक्त निकाल पाते हैं और न ही अपने परिवार भाई-बहन, माता-पिता, बच्चों को ही पूरा वक्त दे पाते हैं। अत: जाहिर है एक दूसरे के साथ समय निकालकर व्यस्त रहना, एक दूसरे के सुख-दुख में शरीक होना बहुत बड़ी बात है। इन सब बातों पर ध्यान रखकर ही सच्ची खुशी मिल सकती है।
यह तो तय है कि एक आदमी सारे काम नहीं कर पाता लेकिन इनमें से थोड़े भी कर लेता है तो समझना चाहिए कि संसार के भाग्यशाली लोागों में से है जो जीवन की छोटी-छोटी बातों से भी भरपूर आनंद प्राप्त करते हैं। ऐसे लोगों के लिए जीवन का कोई भी पल उबाऊ नहीं होता। जो व्यक्ति जीवन को उत्सवमय माहौल में बिताता है, सुखी और कामयाब कहलाने का अधिकार उसे ही प्राप्त होता है।
- मीना जैन छाबड़ा

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