Read latest updates about "राज काज" - Page 1

  • राममंदिर के निर्माण में बड़ी बाधा कांग्रेस

    - कृष्णप्रभाकर उपाध्यायक्या यह आश्चर्यजनक नहीं कि जिस कांग्रेस के शासनकाल में 1949 में रामजन्मभूमि परिसर में रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना आरम्भ हुई, जिस कांग्रेस के शासनकाल में 1 फरवरी 1986 को रामजन्मभूमि का ताला खुला, जिस कांग्रेस के शासनकाल में 9 नवम्बर 1989 को शिलान्यास की अनुमति दी गयी तथा जिस...

  • पांच राज्य एक सवाल : सत्ता किसके हाथ आएगी?

    चार राज्यों में चुनाव की तिथियों की घोषणा होने के साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़, मिजोरम, राजस्थान, तेलंगाना, मध्य प्रदेश राज्यों में सत्ता की बागडोर किसके हाथ जाने वाली हैं। इन पांच राज्यों में 12 नवम्बर से लेकर 7 दिसम्बर के मध्य चुनाव की तिथियों की घोषणा चुनाव आयोग कर चुका हैं। इन...

  • पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और मोदी का भविष्य

    मध्यम स्तरीय वर्ग हों या उच्च वर्ग सभी की पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने नींदें उड़ा रखी हैं। पहले अखबार ताजा खबरों को जानने के लिए पढ़ा जाता था। आज की स्थिति यह है कि न्यूज चैनलों और अखबारों की टीआरपी मिलने की वजह पेट्रोल में लगती आग हैं। पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण मोदी जी की नीतियों की आलोचना हो रही...

  • 2018 में 'गाँधी के अपनों' का भारत!

    इस समय केंद्र की सत्ता में पुनः आने के प्रयास मुख्य रूप से वही कर रहे हैं जो सत्ता-सुख भोग चुके हैं। यह उनका प्रजातंत्र में मिला अधिकार है, ठीक वैसे ही जैसे सत्ता में बैठे दलों को बने रहने के प्रयास करने का है। कोई नया आन्दोलन या बड़े स्तर पर जन-समर्थित विचार, आन्दोलन या कार्यक्रम लोगों के सामने...

  • क्रिकेट के दूसरे 'भगवान' बनेंगे कोहली?

    - योगेश कुमार गोयल भारतीय क्रिकेट जगत में 'भगवान' माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने कैरियर में पूरे फॉर्म में थे। उस समय अक्सर सवाल उठता था कि सचिन जिस प्रकार नए-नए कीर्तिमान बनाते हुए पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे हैं, क्या कोई अन्य खिलाड़ी उनकी जगह ले पाएगा? दरअसल सचिन ने अपने दो...

  • टीपू के बहाने कर्नाटक में एक और नाटक

    सियाराम पांडेय 'शांत' कर्नाटक में नाटक होता ही रहता है। पक्ष-विपक्ष दोनों ही समान भाव से इसमें अपना किरदार निभाते हैं। जब कांग्रेस के सहयोग से कुमार स्वामी की सरकार बनी थी, तब भी कुमार स्वामी ने कहा था कि वे कांग्रेस के दबाव में घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई...

  • फिर उठ रहे हैं डीएनए पर सवाल

    एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के डीएनए को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसे लेकर भाजपा ने नसीहत देते हुए कहा है कि नेता भाषा की मर्यादा बनाए रखें। दरअसल जेडीयू ने केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को कन्फ्यूज्ड करार दिया था जिसके बाद डीएनए पर सवाल उठाए गए। अब चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र...

  • कुछ न कर पाने की छटपटाहट है यह

    - डॉ. कृष्णप्रभाकर उपाध्यायरामजन्मभूमि मामले में प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अयोध्या के विकास के लिए की गई घोषणाओं तथा दीपावली के अवसर पर मनाए गये भव्य उत्सव को भाजपा विरोधी 'वोट के लिए प्रयास' अथवा 'जनता को एक बार फिर से बरगलाने की चेष्टा' के रूप में मान रहे हैं। वहीं भाजपा के समर्थकों का एक बड़ा...

  • अयोध्या में त्रेता युग की झलक

    -डॉ. दिलीप अग्निहोत्री दीपावली त्रेता युग से चली आ रही भारतीय परंपरा है। कई मान्यताओं में यह भी शामिल है कि इसी दिन प्रभु राम लंका विजय कर अयोध्या पधारे थे। अयोध्या की उदासी दूर हुई। उत्साह, उमंग का वातावरण बना। इसी की अभिव्यक्ति दीप जला कर की गई। इसी के साथ एक सन्देश भी निर्मित हो गया। तमसो मा...

  • मर्यादित भाषा से बेपरवाह

    -डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ऐसा लगता है कि कांग्रेस में ऊपर से नीचे एक जैसा मिजाज है। विपक्षी पार्टी द्वारा आरोप लगाने पर आपत्ति नहीं हो सकती, लेकिन मर्यादा से बिल्कुल बेपरवाह हो जाना गलत है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी इस सूची में शुमार हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था पर उत्तर प्रदेश के...

  • मुझे पप्पू क्यों कहते है ,राहुल ने दिया लाजवाब जवाब !

    एक अकेले राहुल और हम नब्बे पत्रकार... एक पत्रकार के तौर पर नेताओं से मिलना-जुलना और उनकी राजनीति को समझना हमेशा अच्छा लगता है। ऐसे में जब कहा गया कि इंदौर में राहुल गांधी पत्रकारों से मिलेंगे तो इंदौर जाने की ललक बढ़ गई थी। इंदौर के रेडिसन ब्लू के बड़े हॉल में करीब नौ बड़ी टेबल लगाकर राहुल से...

  • बिजनेस रैंकिंग में सुधार के बड़े मायने

    -डॉ. दिलीप अग्निहोत्रीभारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एक बार फिर छलांग लगाई है। इसका मतलब है कि भारत के आर्थिक सुधार कारगर हो रहे हैं। ऐसे में अर्थव्यवस्था से जुड़ी रिजर्व बैंक सहित अन्य सभी संस्थाओं को सुधार कार्यो में साझा प्रयास करने चाहिए। यह नहीं भूलना चाहिए कि संवैधानिक संस्थाएं लोगों के कल्याण...

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