सम्पत्ति विवाद हत्या मामले में 9 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

सम्पत्ति विवाद हत्या मामले में 9 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

ग्रेटर नोएडा। रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र अंर्तगत गांव मकसूदपुर में गुरूवार को भूमि विवाद बंटवारे को लेकर हुई किसान की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पुत्री की शिकायत पर तीन महिलाओं समेत 9 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उधर पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है लेकिन किसी आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल रही है। हत्या से गुस्साये ग्रामीणों ने शुक्रवार को शव कोतवाली परिसर में रखकर जमकर हंगामा करते हुए तोड़-फोड़ कर दी। मौके पर पहुंचते ही सीओ जेवर शरद चन्द्र शर्मा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन उच्चाधिकारियों को बुलाने एवं कोतवाली निरिक्षक को निलंबित की मांग पर अड़ गये। सीओ ने वरिठ पुलिस अधीक्षक के निर्देा पर एसओ को तत्काल प्रभाव से लाईन हाजिर करते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव मकसूदपुर निवासी तीन सगे भाई ब्रजेश, राममुर्ति एवं नन्दकिशोर में पिछले काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है। जिसको लेकर कई बार दोनों के बीच मारपीट व पथराव जैसी घटना हो चुकी थी। बार-बार पुलिस से शिकायत के बावजूद भी कोई कारवाई नहीं होने पर विवाद ने भयंकर रूप धारण कर लिया और गुरूवार को वह विवाद रिश्तों के कत्ल में बदल गया। पुलिस अनुसार मृतक नंदकिशोर की पुत्री रीशू ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि गुरूवार शाम करीब 5 बजे उसका पिता अपने घर पर बैठे थे। आरोप है इसी दौरान गांव के ही ब्रजेश, राममूर्ति, योगेश, कपिल, सविता, अनु, पूजा, राहुल, सुरेन्द्र आदि अपने हाथों में लाठी-डंडे, फरसा आदि लेकर आये और गाली-गलौच करते हुए हमला कर दिया। बचाव में आई पीड़िता की मां एवं बहन के साथ भी उक्त लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया। गम्भीर रूप से घायल नंदकिशोर की अस्पताल में पहुंचाते ही मौत हो गई।

पुलिस पर लगाया हत्या कराने का आरोपः- मृतक की पुत्री ने आरोप लगाया है कि करीब दो माह पूर्व भी इसी प्रकार विवाद हुआ था। जिसमें दूसरे पक्ष की तरफ से पथराव व फायरिंग की गई थी। पुलिस से समूची घटना की शिकायत एवं जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने आरोपियों से सांठ-गांठ कर मामले को गम्भीरता से नहीं लिया तथा पीड़ित परिवार पर धमकी देते हुए समझौता का दबाब बना कर मामले को नजर अंदाज कर दिया।

हंगामा देख भागे पुलिसकर्मीः- घटना से गुस्साये सैंकड़ों ग्रामीण व महिलाओं ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने पर चंद क्षणों के लिए पुलिस उत्तेजना में आई लेकिन हंगामा बढ़ता देख बैकपुट पर आ गई और तोड़ फोड़ एवं जनता के आक्रोश को देखकर पुलिसकर्मी मौके से जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान लोगों ने कोतवाली प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भ्रटाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। उधर भाकियू भानू महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गीता भाटी, सीमा भाटी, राजपूत करणी सेना के करण ठाकुर एवं अन्य किसान संगठनों के दर्जनों लोग कोतवाली पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

कोतवाली निरीक्षक लाईन हाजिरः- सैकडो आक्रोषित महिलाओ एवं ग्रामीणों के बीच सीओ जेवर शरद चन्द्र शर्मा ने लोगो को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह और अधिक उत्तेजित होकर पुलिस प्राासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली प्रभारी को निलंबित किये जाने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गये। स्थिति बिगड़ती देख सीओ जेवर ने वरिठ पुलिस अधीक्षक डा0 अजयपाल शर्मा से वार्ता की और उनके निर्देशानुसार प्रभारी को लाईन हाजिर कर दिया।

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