डूब क्षेत्र में प्लाटिंग कर रहे भूमाफिओं पर लगेगी रासुका...अब तक 52 लोगों की बनाई गई सूची जिन्होंने 100 से अधिक प्लाट बेचे

डूब क्षेत्र में प्लाटिंग कर रहे भूमाफिओं पर लगेगी रासुका...अब तक 52 लोगों की बनाई गई सूची जिन्होंने 100 से अधिक प्लाट बेचे

नोएडा। यमुना व हिडंन नदी के डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण करने की शिकायत मिल रही है। इसको लेकर जिला प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से कार्यवाही करने का मन बना चुका है। इन पर रासुका व गैगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान जिला अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि निबंधन विभाग द्वारा कराए गए एक परीक्षण में पाया गया कि पांच वर्षो में यमुना व हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय प्लाट व भूमि विक्रय करने वालों की जानकारी मिली है। इसमे 52 ऐसे मामले में जिनके संबंधित व्यक्तियों ने 100 या 100 से अधिक प्लाट डूब क्षेत्र में बेचे है। इसमें कुछ कंपनियां ऐसी भी जो हजारों की संख्या में भी प्लाट बेच चुकी है। ऐसे में 100 से अधिक प्लाट बेचने वालों पर शासनादेशों एवं एनजीटी के निर्देश के क्रम व आईपीसी की विभिन्न धारओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यही नहीं इन पर रासुका के तहत कार्यवाही भी की जा सकती है। यमुना व हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में हजारों की संख्या में प्लाट व मकान बनाए जा रहे है। इसकी एक वजह प्रशासनिक अधिकारियों का रहते ध्यान नहीं देना है। इन मकानों व प्लाटों की रजिस्ट्री भी हो रही है। इस पर अब तक रोक नहीं लगी है। यहां डूब क्षेत्र में भूमाफिया ने कब्जा जमा रखा है। एक.एक भू.माफि या कंपनी खोलकर 100 से ज्यादा प्लाटों को बेच दिया है और रजिस्ट्री भी कंपनी लोगों के नाम धड़ल्ले से कर रही है। ऐसे में निबंधन विभाग द्वारा किए गए परीक्षण में 52 ऐसे नाम सामने आए है। जिन्होंने पूरे डूब क्षेत्र को ही अवैध कालोनियों व मकान व प्लाट में तब्दील कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह लोग गरीब व जरूरत मंद लोगों को बहला फुंसलाकर उन्हे प्लाट बेच रहे है। इन सभी भू-माफिया के खिलाफ रासुका के तहत कार्यवाही की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर जो आकड़ा एकत्रित किया गया वह गत पांच वार्षो का है। जबकि यहां बीते कई सालों से धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है।

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