रिश्वत लेकर एनओसी देने के मामले में एफएसओ और फायर वेंडर गिरफ्तार

रिश्वत लेकर एनओसी देने के मामले में एफएसओ और फायर वेंडर गिरफ्तार

नोएडा। उत्तर प्रदेश के शो-विंडो नोएडा में पुलिस ने फायर एनओसी के लिए काम कर रहे संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में रविवार को फायर स्टेशन फेज-एक के एफएसओ कुलदीप कुमार और एक फायर वेंडर को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जांच में कुल सात संगठित गिरोह का नाम सामने आया है। इन गिरोह के लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अब तक 450 से अधिक एनओसी प्राप्त किए हैं। इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। शीघ्र ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एसएसपी वैभव कृष्ण ने रविवार को सेक्टर-14ए स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि सोशल मीडिया पर दो व्यक्तियों के बीच एनओसी के लिए पैसे के लेनदेन की बात हो रही थी। इस बाबत मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने उन्हें पत्र भेजकर संभावना जताई थी कि ऑडियो में एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता ही हैं। सीएफओ के अनुरोध पर इस मामले की जांच सीओ प्रथम श्वेताभ पांडेय से कराई गई। 21 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट में सीओ प्रथम ने कहा कि पूछताछ में एफएसओ कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता ने स्वीकार किया कि ऑडियो में उनकी ही आवाज है। उसमें पैसे के लेनदेन की जो बातचीत हो रही है, वह मई माह की है। पूछताछ में अरविंद गुप्ता ने बताया कि ऑडियो क्लिप में सेक्टर-48 स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की बिल्डिंग के फायर सेफ्टी एनओसी देने के लिए एफएसओ को 80 हजार रुपये देने की बात हो रही है। यह भी कहा गया कि कुलदीप कुमार ने मदरहुड हॉस्पिटल का भ्रमण किया था और उसमें कुछ कमियां पाई थी। उसी के एवज में उन्होंने पैसे की मांग की थी। यह हॉस्पिटल आरएचईए हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जांच के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिह ने जानकारी दी कि मदरहुड हॉस्पिटल की बिल्डिंग की एनओसी आरएचईए हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, मदरहुड हॉस्पिटल यूनिट ऑफ संवेदना हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के लिए की गई थी। जबकि बिल्डिंग ओनर डिटेल में आवेदक का नाम आरएचईए हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड दर्ज किया गया है। लेकिन, ईमेल आईडी फायर वेंडर अरविंद गुप्ता और मोबाइल नंबर उसके कार्यालय में नियुक्त अभिषेक नाम के कर्मचारी का है। यह इसलिए किया गया कि एनओसी से संबंधित जो भी प्रगति या एनओसी उसकी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर मिले। एसएसपी ने बताया कि जांच में कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। सीओ थर्ड विमल कुमार ने एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई। उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता ने बताया कि एनओसी के लिए विभाग के पोर्टल में बिल्डिंग ओनर डिटेल पेज पर बिल्डिंग ओनर का नाम खुद या अपने किसी सहयोगी का दर्ज करते थे और ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर अपना या अपने किसी सहयोगी का अंकित करते थे। जबकि पता उसी बिल्डिंग का दर्ज करते थे, जिसकी एनओसी लेनी होती थी। ऐसा वास्तविक ओनर को भ्रमित कर उससे अधिक पैसे वसूलने के लिए किया जाता था।

एनओसी के लिए चल रहा सात संगठित गिरोहः एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले डेढ़ साल से एनओसी के एवज में अवैध वसूली के लिए सात अलग-अलग संगठित गिरोह काम कर रहे हैं। गिरोह ने अपने और अपने सहयोगियों के नाम पर विभिन्न भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों के फायर डिपार्टमेंट से धोखाधड़ी कर 450 से अधिक एनओसी दी गई है। इस बाबत थाना सेक्टर-20 में सात एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें अनिल शर्मा, मनिराम डांडरियाल, देविका, देविका देसाई, जितेंद्र मोनी, जितेंद्र कुमार गौड़, एमएसपीएल, अरविंद कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, विशाल ढिंगरा, मुकेश गुप्ता, इंद्र कुमार मनी और गुरप्रीत शामिल हैं।

Share it
Top