दो महीने में पूरी हो एससी/एसटी उत्पीड़न मामलों की जांच

दो महीने में पूरी हो एससी/एसटी उत्पीड़न मामलों की जांच

नोएडा। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के चेयरमैन ब्रजपाल ने कहा कि एससी/एसटी वर्गों के उत्पीडन के मामले में दो माह के अंदर जांच पूरी कर ली जाए। इस मामले में पीड़ित पक्ष तथा उसके परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि निर्धारित समयावधि में ही निर्गत की जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आज सेक्टर-38ए स्थित विद्युत विभाग के गेस्ट हाउस में पुलिस-प्रशासन अफसरों की समीक्षा बैठक में आयोग के चेयरमैन ने उक्त आदेश दिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 14 जून 2016 में हुए संशोधन में कई अन्य धाराएं बढ़ा दी गयी हैं। इनके तहत पीड़ितों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता तथा पेंशन देने का प्रावधान है। इसके अलावां उनके बच्चों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा एवं छात्रावास आदि का खर्च देने का प्रावधान है। इस बाबत वे हर जनपद में लोगों को जहां नये कानून के प्रति जागरूक करने के लिए पंपलेट चस्पा करा रहे हैं। वहीं पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इस वर्ष ऐसे मामलों की प्रगति रिपोर्ट तथा मिलने वाली आर्थिक सहायता की भी समीक्षा कर रहे हैं।

ब्रजलाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण) नियमावली 1995 के संशोधन नियम 2016 के तहत पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए 500 करोड़ का बजट रखा है। इसलिए इस राशि को बांटने में जिला प्रशासन कोताही न बरते। उन्होंने पूरे प्रदेश में थाना, तहसील स्तर पर एक लाख ऐसे पंपलेट चस्पा करवाने के आदेश दिये हैं। उप्र अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के चेयरमैन ब्रजलाल ने कहा कि बरेली में विधायक की पुत्री की दलित के साथ शादी का जो प्रकरण चल रहा है। उसमें आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में जिले के जिलाधिकारी तथा एसएसपी से आख्या तलब की है। पीड़ित लडकी को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करा दी गयी है। लडकी के पिता से भी बात की गयी है। लडकी तथा उसके पति को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। इसके लिए आयोग आश्वस्त है।

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