मेडिकल में एडमिशन के नाम पर लाखों की ठगी

नोएडा। सेक्टर-62 स्थित करियर काउंसिलिंग एजेंसी ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपए ठग लिए। ठगी का पता चलने पर मंगलवार दोपहर में 20 से ज्यादा छात्रों ने एजेंसी के बाहर विरोध जताना शुरू किया। विरोध के दौरान धूप व गर्मी से दो छात्राएं बेहोश भी हो गईं। जिन्हें वहां मौजूद छात्रों ने उठाकर तुरंत पानी का छिड़काव किया। वहीं, इस विरोध की भनक लगते ही एजेंसी के डायरेक्टर, सीईओ समेत सीनियर अधिकारी भाग निकले। एजेंसी में कार्यरत 35 से ज्यादा कर्मचारियों को भी 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है। इन कर्मचारियों को भी जब फर्जीवाड़े का पता चला तब ये भी छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। इस विरोध की सूचना मिलने पर सेक्टर-58 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ पंकज राय ने बताया कि छात्रों ने अभी मौखिक शिकायत ही की है। लिखित शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जाएगी।

नीट में कम नंबर लाने वाले को छात्रों के डेटा से करते थे ठगीः छात्रों से ठगी करने वाली एजेंसी नोएडा सेक्टर-62 स्थित ग्लोबल करियर प्राइवेट लिमिटेड है। इस एजेंसी को डायरेक्टर मनीष सिंह और सीईओ उत्कर्ष मिलकर चलाते हैं। इसे करीब 4 महीने पहले ही शुरू किया गया था। इस एजेंसी की देशभर में 14 से ज्यादा ब्रांच बताकर छात्रों से ठगी की गई है। एजेंसी ने नोएडा में ऑफिस खोलकर टेलीकॉलर रखे थे। इन टेलीकॉलर को उन छात्रों की डिटेल दे देते थे जिनका राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा में कम नंबर होने की वजह से मनपसंद कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाता था।

फोन करके छात्रों को एमसीआई से लेटर जारी कराकर फंसाते थेः ठगी के शिकार हुए छात्र सुधांशु ने बताया कि नीट में कम नंबर आने की वजह से काउंसलिंग के बाद भी कॉलेज में एडमिशन नहीं हो पाया तब उसके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को ग्लोबल करियर एजेंसी का कर्मचारी बताया और मनपसंद कॉलेज में एडमिशन कराने का दावा किया। इस बारे में उसने बताया कि इसके लिए उन्हें नोएडा स्थित ऑफिस में आकर मिलना होगा।

नोएडा ऑफिस में आने के बाद सीईओ उत्कर्ष ने बताया कि वे दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज समेत कई बड़े कॉलेजों में दाखिला दिला सकते हैं। छात्रों के सवाल पूछने पर जालसाज बताते थे कि उनका मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तरफ से सीधे लेटर जारी कराकर किसी भी कॉलेज में एडमिशन करा सकते हैं। इसके बाद एमसीआई लेटर के नाम पर 2 लाख, टोकन मनी के नाम पर 4 लाख और कॉलेज में एक साल की फीस व एडमिशन की फीस समेत कुल 20 लाख रुपए तक की डिमांड करते थे। इसके बाद बातचीत करके छात्रों से 10 से 20 लाख रुपए तक ले लेते थे। इसके बाद एमसीआई के नाम से एक फर्जी लेटर बनाकर छात्रों को दे देते थे। इस लेटर को लेकर छात्र जब कॉलेज में पहुंचे तो फर्जीवाड़े का पता चला।

डायरेक्टर किसी से नहीं मिलता था, कई राज्यों के छात्रों से हुई ठगीः नोएडा सेक्टर-62 स्थित एजेंसी के बाहर यूपी, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों के छात्र पहुंचे थे जिनके साथ ठगी की गई है। इनके अलावा एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें भी प्रति महीने 18 से 20 हजार रुपए सैलरी देने का झांसा देकर नौकरी पर रख लिया गया था। इसके बाद 3 महीने से सैलरी ही नहीं दी। एक कर्मचारी ने बताया कि एजेंसी का डायरेक्टर मनीष सिंह कभी किसी कर्मचारी या छात्र से सीधे नहीं मिलता था। ऑफिस का सारा काम सीईओ उत्कर्ष व अन्य अधिकारी ही देखते थे।

वेबसाइट पर हाईफाई प्रोफाइल बना छात्रों को बनाते हैं शिकारः छात्रों ने बताया कि कम नंबर की वजह से एडमिशन नहीं मिलने का पता चला तब फोन के जरिए ग्लोबल करियर एजेंसी ने खुद ही संपर्क किया था। इसके बाद उसकी वेबसाइट से पता चला कि वे अच्छे कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला करा देते हैं। जालसाजों ने अपनी एजेंसी की वेबसाइट को काफी हाई प्रोफाइल बना रखा है। साथ ही देश भर में इसकी ब्रांच की डिटेल भी दे रखी है। मगर सभी जगह के नंबर अब बंद जा रहे हैं। इसके अलावा, यह एजेंसी सिर्फ मेडिकल ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का भी दावा कर छात्रों से ठगी कर रही है।

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