दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेस वे पर लूट करने वाले नौ बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेस वे पर लूट करने वाले नौ बदमाश गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेस वे पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने वाले नौ बदमाशों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। लुटेरों के निशाने पर प्रमुख रूप से अमेजॉन व अन्य कंपनी के ट्रक रहते थे। बदमाशों ने लूट की छह घटनाएं स्वीकार की हैं। बदमाशों के पास से एसटीएफ ने तीन कार, 383 मोबाइल फोन सहित पचास लाख रुपये का सामान व सत्तर हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजीव नारायण मिश्रा व पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ माह में एक्सप्रेस वे पर ट्रक लूट की घटनाएं बढ़ी थीं। घटनाओं के पर्दाफाश के लिए टीम का गठन किया गया था। टीम काफी दिनों से इनकी तलाश में थी। शनिवार को सूचना मिली की लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश लूट के माल के साथ गौतमबुद्ध विवि के आसपास आने वाले हैं। एसटीएफ ने घेराबंदी कर मुठभेड़ के बाद बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि नवनीत अत्री गैंग का सरगना है। नवनीत ने बताया वह 10 वीं कक्षा तक पढ़ा है। पहले ट्रक चलाने का काम करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात संजय से हुई। संजय अमेजॉन कंपनी में काम करता था। काम के दौरान की कंपनी का सामान भी चोरी कर लिया करता था। बाद में दोनों ने मिलकर चोरी का काम शुरू कर दिया। लगभग पांच माह पूर्व संजय, वीरू, नीरज आदि ने मिलकर होंडा चौक फरीदाबाद में अमेजॉन कंपनी के ट्रक को लूट लिया था। मॉल लूटने के बाद चालक को ट्रक में बंधक बनाकर छोड़ दिया था। कुछ सप्ताह बाद ही गैंग के सदस्यों ने फरीदाबाद से गुड़गांव आते समय हाईवे पर हथियार के बल पर अमेजॉन कंपनी के ट्रक को लूटा था। गैंग ने एक सप्ताह बाद ही गुरुग्राम के बिलासपुर क्षेत्र में फिर से अमेजॉन कंपनी के ट्रक को निशाना बनाया गया। बदमाशों के द्वारा लूटा गया सामान दिल्ली में गुरु जी नाम के व्यक्ति को बेच दिया गया था। घटना के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने संजय, नीरज, वीरु, गुरुजी को पकड़ लिया था। नवनीत फरार हो गया था। बाद में नवनीत ने मामा के लड़के भानू के साथ मिलकर दूसरा गैंग बनाया। इसमें नितिन, संदीप, बलराम उर्फ बल्ली, बादल, राहुल, करण थे। गैंग के सदस्यों ने 20 अगस्त को अमेजॉन कंपनी के ट्रक को मानेसर व चार सितंबर को कंपनी के ट्रक को गुरुग्राम में लूटने के बाद आगरा में छोड़ दिया था। कंपनी कर्मचारी के मिले होने की आशंका बदमाशों के द्वारा अमेजॉन कंपनी के ट्रक का पीछा किया जाता था। दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेस वे पर सुनसान स्थान पर ओवरटेक कर हथियार के बल पर ट्रक रुकवा लिया जाता था। ट्रक में भरे सामान को अपने साथ लाए वाहनों में भर लिया जाता था। बाद में चालक को ट्रक में ही बंधक बनाकर छोड़ दिया जाता था। एसटीएफ को आशंका है कि अमेजॉन कंपनी का कोई कर्मचारी बदमाशों से मिला हुआ है। उसी के द्वारा मॉल लदे ट्रकों के बारे में बदमाशों को जानकारी दी जाती थी। लूटे गए मोबाइल बेचने की फिराक में हैं बदमाश जांच में टीम को पता चला है कि कुछ माह पूर्व बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वीवो कंपनी के मोबाइल से लदा ट्रक लूटा था। बदमाश राकेश ने बताया कुछ बदमाश लूटे गए मोबाइल बेचने की फिराक में हैं। एसटीएफ उनकी तलाश में है। लूट की घटना को स्वीकारा गिरफ्तार किए गए बदमाश बादल ने बताया उसने 12 अगस्त को अजायबपुर फाटक के पास लूट की घटना को अंजाम दिया था। सलारपुर निवासी अंकित मेहरा से मोबाइल व एक लाख सत्ताइस हजार रुपये लूट लिए थे। लूट की घटना पुलिस ने दर्ज की थी। गिरफ्तार बदमाश एसटीएफ ने बुलंदशहर निवासी नवनीत अत्री, दादरी निवासी संदीप, अलीगढ़ निवासी भानू, करण, जारचा निवासी बादल शर्मा, भिवानी निवासी राकेश, दिल्ली निवासी नितिन, राहुल निवासी दिल्ली व फरीदाबाद निवासी बलराम को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने बदमाशों के पास से एक होंडा व दो इको कार, 383 मोबाइल फोन, लगभग 150 जोड़ी जूते, सैंडल, एलइडी कंप्यूटर, पांच मोबाइल, दो तमंचा, एक कटर व 70 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

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