छात्रवृत्ति घोटाले में निजी कॉलेज का निदेशक गिरफ्तार

छात्रवृत्ति घोटाले में निजी कॉलेज का निदेशक गिरफ्तार

हरिद्वार। उत्तराखण्ड के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को यहां रुड़की स्थित एक निजी कॉलेज के निदेशक को गिरफ्तार कर लिया। जबकि कॉलेज का संचालक फरार हो गया।

इस कार्यवाही से यहां निजी शैक्षणिक संस्थानों में हडकंप मचा हुआ है। प्रदेश में कई शिक्षण संस्थाओं ने फर्जीवाडा कर छात्रों के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति को हड़प लिया। कई संस्थानों ने अपने कॉलेजों में फर्जी दाखिला दिखाकर समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति को ठिकाने लगा दिया। जिससे सरकार को कई करोड़ रुपये का चूना लगा है। राज्य सरकार को जब इस मामले की शिकायत मिली तो इस संबंध में एसआईटी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया तथा राज्य के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी मंजू नाथ टीसी की अगुवाई में इस संबंध में जांच शुरू की गयी। जांच दल ने इंस्टिट््यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टेडीज के निदेशक अकुश शर्मा को फर्जीवाड़ा के मामले में गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2014 से 2016 के बीच के दस्तावेजों की जांच पडताल के दौरान करीब सात करोड रुपये की धनराशि का फर्जीवाडा सामने आया है। जिसका कोई संतोषजनक जवाब न दे पाने के कारण उक्त शिक्षण संस्थान के प्रबंध निदेशक को गिरफ्तार कर एसआईटी की टीम उसे अपने साथ ले गई।

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