बीएचयू में मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति का विरोध जारी,छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला


-विश्वविद्यालय के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय की अपील भी बेअसर

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर डॉक्टर फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में लगातार 16वें दिन छात्रों का धरना जारी रहा। इस दौरान छात्रों ने कुलपति का पुतला भी फूंका।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अफसरों के तमाम प्रयासों को ठुकरा कर छात्र शुक्रवार को भी कुलपति आवास के सामने धरना स्थल पर ढ़ोल मजीरे की धुन पर भजन कीर्तन करते रहे। दोपहर में धरना प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के लंका स्थित सिंहद्वार पर विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये के खिलाफ नारेबाजी कर कुलपति का प्रतीक पुतला फूंक कर आक्रोश जताया।

इस दौरान छात्रों ने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की। इसके पहले छात्रों के धरना को समाप्त कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के अफसरों ने गुरुवार देर शाम तक वार्ता भी की। वार्ता में धरनारत छात्रों ने पांच प्रश्नों की सूची सौंप कर इसका उत्तर मांगा। विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर एवं संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष ने इन प्रश्नों का लिखित उत्तर दस दिन के भीतर देने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद अपने सवालों के उत्तर देने की मांग कर छात्रों ने अपना धरना जारी रखा।

आन्दोलनकारी छात्रों के सवाल

संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में क्या अन्य सभी विभागों के सदृश्य ही शॉर्ट लिस्टिंग हुई है? शॉर्ट लिस्टिंग संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के पारंपरिक सनातन धर्म संबंधित नियमों को ध्यान में रखकर की गई ?। इस प्रक्रिया में यूजीसी के किस नियम को अपनाया गया?। क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय संविधान के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया की है? । क्या विश्वविद्यालय के संविधान को केंद्र में रखकर नियुक्ति की गई है?।

चांसलर ने धरना समाप्त करने की अपील की

इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश और बीएचयू के कुलाधिपति (चांसलर) न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने भी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों से धरना समाप्त करने की अपील की है। प्रयागराज में न्यायमूर्ति ने कहा मैं विद्यार्थियों को सलाह देता हूं कि वे इस तरह की जिद छोड़ें और एक विद्वान को अपने बीच में पाकर प्रसन्‍न हों।

न्यायमूर्ति ने संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति का समर्थन कर कहा कि हमारी तो यह परम्परा रही है कि ज्ञान जहां से भी मिले, उसे लेना चाहिए। ऐसे में बीएचयू के विद्यार्थियों का यह कहना कि एक मुस्लिम शिक्षक उन्हें संस्कृत नहीं पढ़ा सकता, जबकि वे पढ़ाने में सर्वथा योग्य हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है। बच्‍चों को समझाने की आवश्‍यकता है। इसके लिए संकाय के शिक्षक आगे आये। उन्होंने संकाय के शिक्षकों को छात्रों को समझाने का सुझाव देते हुए कहा कि अगर शिक्षक समझाएंगे तो छात्र जरूर समझेंगे।

संकाय में पसरा सन्नाटा टूटा

छात्रों की हड़ताल के बावजूद संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में लगातार दूसरे दिन चहल-पहल रही। पिछले कई दिनों से संकाय में तालाबंदी के बाद खुलने पर शिक्षक भी अपने कक्ष में देखे गये। कक्षाओं में विद्यार्थी तो नहीं दिखे लेकिन सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर संकाय में पूछताछ करते रहे।


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