घोसी विधानसभा सीट: भाजपा ने सब्जी बेचने वाले के बेटे को बनाया उम्मीदवार..राज्यपाल फागू चौहान के बेटे पर पार्टी ने नहीं जताया भरोसा

घोसी विधानसभा सीट: भाजपा ने सब्जी बेचने वाले के बेटे को बनाया उम्मीदवार..राज्यपाल फागू चौहान के बेटे पर पार्टी ने नहीं जताया भरोसा


मऊ। फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने के बाद खाली हुई घोसी विधानसभा सीट पर भाजपा ने उनके बेटे पर भरोसा न जताकर सब्जी बेचने वाले के बेटे को उम्मीदवार बनाया है। उपचुनाव में भाजपा का टिकट पाने की उम्मीद से फागू चौहान के बेटे राम विलास चौहान जी-जान से लगे थे। इसके अलावा सपा और बसपा ने भी अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। अब इसके बाद यहां के उपचुनाव की सरगर्मी तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है।

घोसी विधानसभा सीट पर पिछला चुनाव जीतकर विधायक बने फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनके बेटे राम विलास चौहान को उपचुनाव में टिकट मिलने की उम्मीद थी। इसलिए वे चुनाव की तैयारियों में भी लगे थे। इसके अलावा इस सीट पर टिकट के लिए दावेदारों की लंबी लिस्ट थी। इन सबके बावजूद भाजपा ने घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव में एक गरीब के बेटे पर दांव खेला है। पार्टी ने रविवार को नगर अध्यक्ष के रूप में पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने वाले विजय राजभर को टिकट दिया है। विजय राजभर भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय युवा नेता है। पार्टी के आम से लेकर खास कार्यक्रमों में प्रमुख भूमिका अदा करते हैं। विजय राजभर एक गरीब राजभर परिवार से है। उनके पिता एक सब्जी की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते है। अगर विजय राजभर के राजनीतिक कैरियर पर नजर डालें तो उन्होंने एक बार नगर पालिका चुनाव में पार्षद का चुनाव अपने सहादतपुरा मोहल्ले से जीता था। इसके अलावा वह भारतीय जनता पार्टी में नगर अध्यक्ष के रूप में सक्रिय तौर पर काम करते हैं।

इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। 30 सितम्बर को नामांकन के लिए आखिरी तारीख है। ऐसे में बसपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिए थे लेकिन रविवार को सपा और भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतार दिए हैं। घोसी विधासभा सीट पर दो बार विधायक रहे सुधाकर सिंह को एक बार फिर से समाजवादी पार्टी ने रविवार को उम्मीदवार घोषित किया है। सुधाकर सिंह सपा के दिग्गज नेताओं में से एक हैं। सपा उम्मीदवार ने घोसी विधासभा सीट पर 1996 के चुनाव में जीत दर्ज करायी थी और 2001 तक विधायक रहे। इसके बाद उनको एक बार फिर 2012 के विधासभा चुनाव में जीत का ताज पहनने का मौका मिला जिसके बाद वे 2017 तक विधायक रहे। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के उम्मीदवार फागू चौहान से हारना पड़ा। जब भाजपा ने फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाया तो एक बार फिर सपा ने सुधाकर सिंह को चुनावी मैदान में उतार दिया है।

इस तरह अब घोसी विधानसभा के उपचुनाव के लिए सभी प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। भाजपा से विजय राजभर, सपा से सुधाकर सिंह, बसपा से कय्यूम अंसारी, कांग्रेस से राजमंगल यादव और सीपीआई से शेख हिसामुद्दीन के चुनावी मैदान में आ जाने से अब चुनावी सरगर्मियां तेज होने के आसार हैं। बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कर चुनाव प्रचार पहले ही शुरू कर दिया है लेकिन अब भाजपा और सपा उम्मीदवार सोमवार को नामांकन करके चुनावी रण में उतरेंगे।


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