राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी की माताजी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन


वाराणसी। प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी की माताजी लाली देवी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। बुधवार को हरिश्चन्द्रघाट पर विधि विधान से अन्तिम संस्कार किया गया। राज्य मंत्री के पिता ओंकार नाथ तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चिता को मुखाग्नि दी।

इसके पहले राज्यमंत्री के सुदामापुर स्थित आवास से माताजी का अन्तिम यात्रा निकली। अन्तिम यात्रा में शामिल होने के लिए भाजपा, सपा, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ अधिवक्ता, व्यापारी समाज की भीड़ उमड़ पड़ी। अन्तिम यात्रा में भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, क्षेत्रीय महामंत्री संगठन रत्नाकर, डॉ. राकेश त्रिवेदी, काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश चन्द्र श्रीवास्तव, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, विधायक सौरव श्रीवास्तव, विधायक रोहनिया सुरेन्द्र सिंह औढ़े, एमएलसी केदारनाथ सिंह, पार्टी प्रवक्ता अशोक पांडेय, नवरतन राठी, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, सुधीर मिश्र, डॉ. हरेन्द्र राय, सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी आदि की मौजूदगी रही।

मूल रूप से देवरिया जिले के तेलिया शुक्ल गांव की निवासी लाली देवी (68) लम्बे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थी। बीते मंगलवार की शाम आवास पर निधन हो गया। वह अपने पीछे पति ओंकारनाथ तिवारी, चार पुत्रों, एक बेटी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी बड़े पुत्र हैं।

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