जौनपुर:दबिश देने गए सिपाही को परिजनों ने बनाया बंधक, छेड़खानी का आरोप


जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र के रावतपुर गांव में सोमवार की भोर में दबिश देने आए एक सिपाही को परिजनों ने कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि दबिश के नाम पर घर में जबरन घुसकर सिपाही महिलाओं के साथ छेड़खानी व परिजनों के साथ अभद्रता कर रहे थे। चार घंटे बाद सीओ सदर नृपेंद्र द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर परिजनों ने कमरे में बंद सिपाही चंचल यादव को रिहा किया।

इस दौरान दरवाजे पर पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक होती रही। रावतपुर गांव निवासी पीड़ित का आरोप है कि उसकी पौत्री से सिपाही आए दिन छेड़खानी करता था। इसी बात को लेकर एक दिन सिपाही के साथ हाथापाई हो गई थी। उनके पुत्र धर्मराज यादव का आरोप है कि बक्शा थाना पर दोनों ही पक्षों द्वारा तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की।

सोमवार की भोर में भी चार सिपाही घर पहुंचे और दबिश के नाम पर घर में घुस गए। सिपाही परिजनों के साथ मारपीट व अभद्रता करने लगे। साथ ही घर में घुसकर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने लगे। नाराज परिजन एकजुट होकर सिपाहियों को कमरे में बन्द करने लगे। मौके की नजाकत को देखकर साथ गए सिपाही मौके से भागने लगे, लेकिन एक सिपाही चंचल यादव को परिजनों ने कमरे में बंद कर दिया। सिपाही के कमरे में बंद होने की खबर खबर लगते ही अमर बहादुर के दरवाजे पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। लोग मौके पर पुलिस अधीक्षक के आने की मांग करने लगे।

सूचना पाकर मौके पर सीओ सदर नृपेंद्र व सिकरारा, लाइन बाजार, सरायख्वाजा सहित कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर कमरे में कैद सिपाही को छुड़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजन पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग को लेकर अड़े रहे। लगभग चार घंटे बाद सीओ द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन माने और सिपाही को रिहा किया। परिजनों ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।

इस सम्बंध में सीओ सदर नृपेंद्र ने बताया कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। सिपाही के बंधक बनाए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है।


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