दम्पति हत्याकांड : जजमानी को लेकर पहले भी हो चुका था भाईयों में खूनी संघर्ष

दम्पति हत्याकांड : जजमानी को लेकर पहले भी हो चुका था भाईयों में खूनी संघर्ष


वाराणसी। चेतगंज थाना क्षेत्र के काली महाल में शनिवार सुबह हुई दम्पति की हत्या जजमानी और सम्पति विवाद को लेकर हुई है। मृत दम्पति के रिश्तेदारों ने बताया कि जजमानी और गद्दी विवाद को लेकर कृष्ण कुमार उपाध्याय (मृतक) और उनके छोटे भाई राजेन्द्र उपाध्याय के बीच अक्सर गाली-गलौज मारपीट होती रहती थी। इसी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया है।

काली महल निवासी कृष्ण कुमार उपाध्याय और उनकी पत्नी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उनके छोटे भाई राजेन्द्र उपाध्याय, उसकी पत्नी, बेटे सहित पांच लोगों पर लगा है। परिजनों ने हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया है। राजेन्द्र और उनके परिवार के लोग वारदात के बाद से फरार है। उधर, चेतगंज पुलिस घटना स्थल पर स्थित मकानों और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

चाचा और चचेरे भाईयों पर हत्या का आरोप

मृतक के बड़े बेटे सुमित ने बताया कि पिशाचमोचन पर जजमानी को लेकर चल रहे विवाद में बीते 14 जुलाई को दोपहर में पिशाच मोचन घाट की गद्दी पर बैठे पिता और मां ममता उपाध्याय पर

चाचा राजेंद्र उपाध्याय और उनकी पत्नी पूजा उपाध्याय उर्फ बबली एडवोकेट, चचेरे भाई रजत उपाध्याय, रामविचार उपाध्याय ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं आज इन्हीं लोगों ने वारदात को अंजाम दे डाला है। घटना के चश्मदीद गवाह पवन ने एसएसपी आनन्द कुलकर्णी को पूरे घटना क्रम की जानकारी दी कि उसके माता-पिता की हत्या चाचा और चचेरे भाईयों ने की है। वहीं मृतक के बड़े बेटे सुमित उपाध्याय ने एसएसपी से थाना पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया।


Share it
Top