'उप्र में विद्युत ड्यूटी में छूट सरकार का ऐतिहासिक निर्णय'

उप्र में विद्युत ड्यूटी में छूट सरकार का ऐतिहासिक निर्णय

वाराणसी। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने वाराणसी के उद्यमियों को भरोसा दिया है कि औद्योगिक भूखंडों पर वर्तमान निर्धारित एक वर्ष में उद्योग लगाने की समय सीमा को बढ़ाकर दो वर्ष किया जाएगा। औद्योगिक संस्थानों में मरम्मत के लिए धनराशि की व्यवस्था होगी।

महाना गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में व्यापारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से प्रदेश में व्यापार का माहौल बना है। उन्होंने उद्यमियों से उद्योगों की बेहतरी के लिए सुझाव मांग कर कहा कि सरकार ने राज्य में उद्योग के ढांचागत विकास के लिए पहली बार एक बड़ी धनराशि 200 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार दिखाई देंगे। औद्योगिक भूखंडों के मानचित्रों की व्यवस्था ऑनलाइन है। जो सरलीकृत है तथा कई प्रकार के मानचित्र शासन द्वारा निर्धारित है। उन्होंने बताया कि यदि उद्यमी उन मानचित्रों के अनुसार निर्माण करता है तो उसमें उसे स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही यदि किसी उद्यमी को एक से अधिक भूखंड आवंटित है तो उनके संविलयन प्रक्रिया को सरल कर दिया है।

करखियाव स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में स्ट्रीट लाइट व सड़क आदि की खराब व्यवस्था की शिकायत को मंत्री ने गम्भीरता से लिया। उन्होंने इस मामले में कमिश्नर स्तर पर जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी स्वीकार नहीं होगी, जिम्मेदारी देकर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों में उत्तर प्रदेश में विद्युत ड्यूटी में छूट सरकार का ऐतिहासिक निर्णय है।

बैठक में वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मंडलीय बैठक के बिंदुओं को प्रस्तुत किया। इस दौरान जिलाधिकारी वाराणसी सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह चहल, गाजीपुर जिलाधिकारी गाजीपुर के.बालाजी, प्रमुख सचिव उद्योग आरके सिंह, एमडी यूपीएसआईडीसी संजय प्रसाद, सचिव एमएसएमई, निर्यात सचिव उद्योग मौजूद रहे।


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