घोसी : दुराचार के आरोप में फंसे बसपा उम्मीदवार, सुनिश्चित कर रही हार

घोसी : दुराचार के आरोप में फंसे बसपा उम्मीदवार, सुनिश्चित कर रही हार

लखनऊ। यूपी के घोसी लोकसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला है। वहां एक तरफ हत्या जैसे अपराधों में आरोपित मुख्तार अंसारी के खास और खुद दुराचार के आरोप सहित कई मुकदमों में वांछित अतुल राय महागठबंधन से बसपा उम्मीदवार के रूप में खड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ वर्तमान सासंद हरीनारायण राजभर पर ही पुन: भाजपा ने भरोसा जताया है।

दलित बाहुल्य इस इलाके में चुनाव के समय ही एक युवती द्वारा महागठबंधन के उम्मीदवार पर दुराचार का आरोप लगने के बाद लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बन गया है। गांव-गांव में चर्चा चल रही है कि एक तरफ नरेंद्र मोदी का नाम है, हरी नारायण का काम है, दूसरी तरफ उनकी लड़ाई एक दुराचार के आरोपित से है। छह बार कांग्रेस और पांच बार इस सीट से कम्यूनिष्ट पार्टी जीत चुकी है। वहीं पिछली बार मोदी लहर में हरी नारायण राजभर में कमल खिलाया था।

2014 में हरि नारायण राजभर को 3,79,797 मत मिले थे, जबकि बसपा उम्मीदवार दारा सिंह चौहान को 2,33,782 मत पाये थे। वहीं मुख्तार अंसारी 166443 मत पाकर तीसरे नम्बर पर थे। सपा के राजीव राय को 165887 मिले थे और वे चौथे स्थान पर थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 19315 मत मिले थे। 2009 में वोट पर नजर दौड़ाएं तो बसपा उम्मीदवार दारा सिंह चौहान 220695 मत पाकर विजयी रहे थे। दूसरे स्थान पर सपा के अरशद अंसारी 1,59,750 मत पाये थे।

घोसी लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 15,93,008 हैं। यहां जातिगत आंकड़ों पर नजर दौड़ायें तो 450,000 मतदाता दलित हैं, जबकि मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 2,42,000 है। वहीं यादव मतदाता लगभग 1,60,000 हैं, चौहान 1,45,000, राजभर 1,30,000, राजपुत 68,000, वैश्य 77,000० मौर्या 39,500, ब्राह्मण 58,000, भूमिहार 35,000, विश्वकर्मा 35,000 के लगभग हैं।

वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह का कहना है कि दुराचार का मामला इतना लोगों के बीच फैल चुका है कि अब बसपा उम्मीदवार को सफाई देते-देते चुनाव बीत जाएगा। वह भी जब युवती खुद कह रही है तो सफाई देने का कोई औचित्य नहीं है। अब वे लड़ाई से बाहर होते दिख रहे हैं। वहीं मऊ के रहने वाले राजनीति के जानकार राम किशुन राय का कहना है कि दुराचार के आरोप में फंसे किसी उम्मीदवार को आम जनता नहीं पचा पा रही है।

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