जिसने राम नाम का स्मरण किया, उसका उद्धार हो गयाः सीएम

जिसने राम नाम का स्मरण किया, उसका उद्धार हो गयाः सीएम



वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की गाथा जिसने भी गाया, जिस भाव में गाया, उसका उद्धार हो गया। गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान जी इसके उदाहरण हैं।

दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिपलानी कटरा स्थित एक वाटिका में मराठी कवि गीतकार गजानन दिगंबर माडगूलकर की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित गीत रामायण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गीत रामायण की रचना लोकभाषा में करने वाले आधुनिक भारत के बाल्मिकी माडगूलकर को याद कर कहा कि जिस तरह उत्तर भारत में रामचरित मानस की रचना करने वाले गोस्वामी तुलसीदास आम जनमानस में पूजे जाते हैं। महाराष्ट्र में वही स्थान माडगूलकर जी का है। उन्होंने बताया कि 1955-56 के दौर में माडगूलकर जी की गीत रामायण की पक्तियां रेडियो पर प्रसारित होती थी तो सड़कें और गलियां सूनी हो जाती थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की परंपरा भक्ति की भी है और शक्ति की भी है। जब कभी भी देश संक्रमण काल से गुजरा है, महाराष्ट्र से इसे एक नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद नरेंद्र मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 68 वर्षों तक उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस नहीं मनाया गया था। किंतु राज्यपाल राम नाईक की प्रेरणा से 2018 में उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस प्रदेश सरकार ने बनाया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की रचना काशी में हुई। तुलसीदास इसे संस्कृत में लिखना चाहते थे, लेकिन हनुमान जी की प्रेरणा से उन्होंने इसे लोक भाषा अवधी में लिखने का कार्य किया। राम की गाथा को देश-दुनिया में पहुंचाने का श्रेय महर्षि वाल्मीकि को जाता है।

समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बदली हुई काशी का उल्लेख कर इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं पांच वर्षों बाद काशी आया हूं और बदली हुई काशी को देखकर अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि जैसे प्राचीन काल में लोग एक बार काशी आने की इच्छा जताते थे। वह दिन दूर नहीं जब लोग पुनः काशी आने की इच्छा जताएंगे।

समारोह में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कवि श्रेष्ठ माडगूलकर को आधुनिक भारत का वाल्मीकि बताते हुए कहा कि यह संजोग है कि इस धरती पर रामायण की रचना की गई, उसी काशी में इन महान विभूतियों की जन्मशताब्दी मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मराठा कवि रामायण को गीत के तरह लिखते थे और गायक स्वर्गीय सुधीर फड़के इसको गाते रहे। उन्होंने महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश के प्राचीन सम्बन्धों का उल्लेख कर बताया कि प्रभु श्रीराम ने वनवास के दौरान ज्यादातर समय महाराष्ट्र के नासिक स्थित त्रयम्बकेश्वर में व्यतीत किया था। समारोह में प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र पांडेय ने भी विचार रखा। इससे पूर्व राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सांसद डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय व सूचना राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर गीत रामायण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने देर रात काशी विश्वनाथ कारिडोर का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी प्रवास के पहले दिन देर रात में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित कार्यों को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर पूरा कराये जाने का अधिकारियों को निर्देश दिया।

सारनाथ के विकास के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन देखा

वाराणसी दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने बाबतपुर एयरपोर्ट सभागार में स्वदेश योजना के तहत सारनाथ के विकास के लिए विश्व बैंक द्वारा 53.81 करोड़ की प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रेजेंटेशन देखा। इस दौरान बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत सारनाथ का आइडियल सिनेरियो के साथ उसकी आध्यात्मिकता को बनाए रखते हुए सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा। सारनाथ के धम्म चक्र स्थल के ऐतिहासिक वृक्ष को संरक्षित करने के साथ ही पूरे सारनाथ क्षेत्र के सड़क एवं ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सारनाथ के खुले स्थलों के साथ-साथ मेडिटेशन (ध्यान ) सेन्टर भी विकसित किए जाएंगे। सारनाथ स्थित सुहेलदेव तिराहा के सामने पार्किंग, वेडिंग जोन, सारनाथ में बने आधुनिक स्वागत केंद्र को तोड़कर पार्किंग एवं वेडिंग जोन मुनारी मार्ग स्थित बुद्धा थीम पार्क के उपलब्ध जमीन पर पार्किंग, वेडिंग जोन एवं फूड प्लाजा, सारनाथ के सारंग तालाब के पास पानी टंकी के निकट वेडिंग जोन तथा सारनाथ रेलवे स्टेशन के बाहर सामने उपलब्ध भूखंड पर वेंडिंग जोन बनाये जाने का प्रस्ताव शामिल हैं।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा पर उतरने के बाद सारनाथ आने वाले पर्यटक को सीधे सारनाथ के बुद्धा थीम पार्क होते हुए डियर पार्क, मूलगंध कुटी एवं धमेक स्तूप तक पहुंचने की कार्ययोजना बनाया गया है। इस दौरान केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री, प्रदेश पर्यटन मंत्री डॉ रीता बहुगुणा जोशी, राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, एडीजीपी पीवी रामाशास्त्री, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश मिश्रा भी मौजूद रहे। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]

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