आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र में पर्यटन को दिया जायेगा बढ़ावा..सोनभद्र पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा: योगी

आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र में पर्यटन को दिया जायेगा बढ़ावा..सोनभद्र पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा: योगी


सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जिले को विकसित करके पर्यटन की संभावनाओं को तलासा जायेगा। योगी शनिवार को समाज कल्याण विभाग राबर्ट्सगंज डायट परिसर में आयोजित 1001 सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि चार राज्यों से घिरा प्रदेश का सोनभद्र पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं है। जिसे विकसित करने के लिए केंद्र तथा प्रदेश की सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र को विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सलखन स्थित लाखों वर्ष पुराना जीवाश्म पार्क है जिसे देखने के लिए देश विदेश के लोग आते है। उन्होंने धार्मिक स्थल अमिला धाम, कुड़ारी देवी, बाबा मक्षेन्द्र नाथ का जिक्र किया।
डायट परिसर स्थित सामूहिक विवाह स्थल पर श्री योगी निर्धारित सयम से लगभग आधे घंटे देरी से पहुंचे। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया गया। उन्होंने 1001 नवदंपतियों में विवाह का प्रमाण पत्र वितरित करते हुए आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर श्री योगी ने कहा कि आज दहेज सभी के लिए चुनौती है। न जाने कितनी बेटियां दहेज की बलि चढ़ा दी गयी हैं। यह समाज के लिए रूढि है। इसे समाप्त करना होगा। इसके लिए समाज का प्रबुद्ध वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान पुण्य का दान है। इस समारोह में जितने लोग उपस्थित हुए हैं। सभी पुण्य के भागी बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सपा सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में 63 हजार गरीबों के आवास का निर्माण कराया था। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में एक लाख पचासी हजार आवासों का निर्माण कराया है। अकेले सोनभद्र में 20 हजार आवासों का निर्माण हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं पहुंच पा रही है वहा सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली मुहैया करायी जाये।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 580 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने बभनी ब्लाक को ओडीएफ घोषित किया।
शादी के दौरान बारिश खलल न डाले इसके लिए वाटर प्रूफ पंडाल लगाया गया था। पंडाल के अंदर ही 250 छोटे-छोटे मंडप बनाए गये हैं। समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मंडप में चार-चार जोड़ों की शादी सम्पन्न कराई गयी।

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