72 घंटे बीतने पर भी भाजपा नेता की हत्या का मामला नहीं खुला, घटना के बाद से ही एसएसपी देवबंद कोतवाली में डाले हुए हैं डेरा

72 घंटे बीतने पर भी भाजपा नेता की हत्या का मामला नहीं खुला, घटना के बाद से ही एसएसपी देवबंद कोतवाली में डाले हुए हैं डेरा


देवबंद (गौरव सिंघल)। देवबंद कोतवाली के तहत दो भाजपा नेताओं की हत्या का खुलासा करने में पुलिस को अभी तक कोई भी कामयाबी हाथ नहीं लगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु पिछले चार दिनों से देवबंद कोतवाली को अपना कार्यस्थल बनाए हुए हैं। कोतवाली के पीछे बने कोतवाल के आवास पर पुलिस दिन-रात मामले की सुरागकशी में लगी है। एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों से बारीकी से पूछताछ की लेकिन पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लग पाया है। क्राइम ब्रांच भी इस मामले में जांच करने में जुटी है। संदिग्धों की काॅल डिटेल निकाली जा रही है। शार्प शूटरों की कुंडलियां भी खंगाली जा रही है।

ध्यान रहे दशहरे के दिन 8 अक्टूबर को दिनदहाड़े मिरगपुर निवासी भाजपा नेता यशपाल सिंह की गोलियां बरसाकर नृशंस हत्या कर दी गई थी और 12 अक्टूबर की सुबह पौने नौ बजे देवबंद में चीनी मिल के बड़े ठेकेदार भाजपा सभासद और पार्टी के उपाध्यक्ष चौधरी धारा की गोलियां बरसाकर हत्या की गई थी। दोनों मामलों में पुलिस ने मृतक के परिजनों से भी लंबी पूछताछ की है और सभी बिंदुओं पर पूछताछ में लगी है। मृतक सभासद धारा सिंह को श्रद्धाजंलि देने के लिए आज नगर पालिका कार्यालय में शोक सभा आयोजित की गई। शोकसभा में 16 सभासद और पालिका के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि देने वालों में वरिष्ठ सभासद विनय गुच्छल, सभासद मनोज सिंघल, सभासद शराफत, सरदार बालेन्द्र सिंह, पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, सभासद शाहीद, मुस्तकीम, विक्की कश्यप आदि शामिल रहे। ध्यान रहे 18 अक्टूबर को गंगोह उपचुनाव के प्रचार हेतु मुख्यमंत्री सहारनपुर के नानौता में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इसलिए भी पुलिस पर उनके आगमन से पूर्व दोनों भाजपा नेताओं की हत्या का खुलासा करने का दबाव बना हुआ है। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु को आज देवबंद बाजार में बाइक से घूमता देखकर लोगों को आश्चर्य हुआ।

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