दारूल उलूम के संस्थापक के प्रपौत्र मौलाना सालिम कासमी का निधन

दारूल उलूम के संस्थापक के प्रपौत्र मौलाना सालिम कासमी का निधन

देवबंद (गौरव सिंघल)। दारूल उलूम देवबंद के संस्थापक मौलाना मोहम्मद कासिम नानौतवी के प्रपौत्र और सबसे लंबे समय तक संस्था के मोहतमिम (कुलपति) रहे मौलाना कारी तैयब साहब के साहबजादे 92 वर्षीय मौलाना सालिम साहब का शनिवार तीसरे पहर यहां उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन से इस्लामिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। वह देवबंदी विचारधारा के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के विद्वान थे।
वह अपने पिता कारी तैयब जी के 17 जौलाई 1983 में निधन के बाद मूल संस्था दारूल उलूम से अलग होकर बनाए गए वक्फ दारूल उलूम के मोहतमिम बने थे। उनके पिता मौलाना कारी तैयब द्वारा 1980 में उन्हें संस्था का नायब मोहतमिम बनाए जाने के कारण कांग्रेस सांसद एवं जमीयत नेता असद मदनी समर्थकों द्वारा प्रबल विरोध के चलते कारी तैयब साहब को संस्था से 15 अगस्त 1982 में अलग कर दिया गया था। तभी से एक और नए दारूल उलूम वक्फ के नाम से स्थापना हुई थी। कुछ समय पूर्व मौलाना सालिम कासमी के छोटे भाई और दारूल उलूम के सदर मुदर्रिश मौलाना असलम कासमी का निधन हो गया था।
मौलाना सालिम कासमी को शनिवार रात 10 बजे के बाद उनके परदादा की कब्र के पास कासमी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। सालिम कासमी के बेटे सुफियान कासमी पिछले कुछ समय से संस्था के मोहतमिम पद का काम देखने लगे थे। सालिम कासमी पिछले काफी समय से बीमार थे। वह डा. डीके जैन के नर्सिंग होम में भी भर्ती कराए गए थे। हालत में सुधार न होने पर परिजन उन्हें घर ले गए थे। जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर सुनते ही हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंच गए। दारूल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी, नायब मोहतमिम अब्दुल खालिक मद्रासी, जमीयत के अध्यक्ष अरशद मदनी, पूर्व सांसद महमूद मदनी, सांसद मौलाना बदरूद्दीन अजमल, मौलाना अब्दुल्ला जावेद समेत अनेक जानी-मानी इस्लामिक शख्सियतों ने मौलाना सालिम कासमी के निधन पर शोक जताया और इस्लामिक शिक्षा के क्षेत्र में बडी क्षति बताया। ध्यान रहे उनके परदादा मौलाना कासिम नानौतवी ने 30 मई 1866 को देवबंद में छत्ता मस्जिद में दारूल उलूम देवबंद की स्थापना की थी। जाहिर है सालिम साहब जाने से संस्थापक परिवार की एक सबसे बडी शख्सियत आज रूक्सत हो गई।

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