राष्ट्रोदय की सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर तैनात होंगे कमांडो, हेलीकाॅप्टर से होगी निगरानी

राष्ट्रोदय की सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर तैनात होंगे कमांडो, हेलीकाॅप्टर से होगी निगरानी

मेरठ। मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन के मैदान में 25 फरवरी को होने वाले आरएसएस के स्वयंसेवक समागम राष्ट्रोदय में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे। कार्यक्रम में आरएसएस के सरसंघचालक डाॅ. मोहनराव भागवत के अलावा कई अन्य अति विशिष्ठ लोगों के आने के कारण पुलिस प्रशासन सुरक्षा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगा। इसके लिए एक हेलीकाॅप्टर भी शासन से मांगा गया है।
आईएसआई का गढ़ बन गया वेस्ट यूपी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की गहरी पैठ होने के कारण राष्ट्रोदय को लेकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। मेरठ से लेकर बागपत, मुजफ्फनगर, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद आदि जिलों में आईएसआई के एजेंट पकड़े जा चुके हैं। इस स्वयंसेवक समागम में तीन लाख से ज्यादा स्वयंसेवक भाग लेंगे। ऐसे में कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा और खुफिया एजेंसी सुरक्षा के इंतजाम में लगी है। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर एनएसजी कमांडो और एटीएस कमांडो लगाए जाएंगे। आरएसएस के सरसंघचालक को जेड प्लस सुरक्षा मिलने के कारण भी पुख्ता सुरक्षा प्रबंध रहेंगे।
शासन से मांगा जा रहा हेलीकाॅप्टर
650 एकड़ क्षेत्र में आयोजित होने वाले राष्ट्रोदय में आरएसएस के स्वयंसेवक भी सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे। प्रवेशिका पर अंकित बार कोड के स्केन होने के बाद भी स्वयंसेवकों को राष्ट्रोदय में प्रवेश करने दिया जाएगा। इतने बड़े मैदान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेरठ पुलिस ने शासन से हेलीकाॅप्टर की मांग की है। इस हेलीकाॅप्टर के जरिए पूरे इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर निगाह रखी जाएगी। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर 5000 पुलिसकर्मी और अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। इसमें यूपी पुलिस, पीएसी, आरआरएफ और एनएसजी कमांडो शामिल है।
एसपी सिटी मान सिंह चैहान लगातार कार्यक्रम स्थल का दौरा करके हालात का जायजा ले रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रोदय में दस एएसपी, 52 सीओ, 100 इंस्पेक्टर, 420 सब इंस्पेक्टर, 2200 कांस्टेबल तैनात होंगे। इसके अलावा 20 कंपनी पीएसी और आरआरएफ रहेगी। फिलहाल एक कंपनी आरआरएफ और एक बटालियन पीएसी कार्यक्रम स्थल पर तैनात कर दी गई है। राष्ट्रोदय में 18 प्रवेश और बाहर जाने के द्वार बनाए गए हैं। सभी लोगों को मेटल डिटेक्टर गेट से गुजरना होगा।
ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि हेलीकाॅप्टर के साथ-साथ इतने बड़े मैदान पर निगाह रखने के लिए तीन बड़े ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस के आला अधिकारी खुद हेलीकॉप्टर में बैठकर कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। पूरे कार्यक्रम स्थल में 12 वॉचर टावर बनाए जाएंगे। जिन पर पुलिसकर्मी दूरबीन लेकर तैनात रहेंगे।

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