लखनऊ में मजदूरों को दस रुपए में मिलने वाला खाना आज से बंद

लखनऊ में मजदूरों को दस रुपए में मिलने वाला खाना आज से बंद

लखनऊ। सरकार के सहयोग से गरीबों को कम पैसे में मिलता था सस्ता खाना राजधानी में मेट्रो, अवध विहार समेत अन्य योजनाओं में लगे एक हजार मजदूरों को मिलता था खाना लेबर विभाग में रजिस्टर्ड मजदूरों को आईआरसीटीसी व राज्य सरकार की ओर से 10 रुपए में दिया जा रहा पौष्टिक भोजन मंगलवार से नहीं मिलेगा। आईआरसीटीसी रोजाना सरकारी योजनाओं में लगे एक हजार मजूदरों को दस रुपए में भोजन उपलब्ध करा रहा था। लखनऊ में सरकार के साथ अनुबंध खत्म होने के बाद ये योजना यहां पर बंद हो जाएगी। हालांकि गाजियाबाद व नोएडा में मिड डे मील योजना चालू रहेगी। सपा सरकार ने गरीबों मजदूरों को सस्ता पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए आईआरसीटीसी के साथ अनुबंध किया था।

इसमें सरकारी योजनाओं जैसे मेट्रो,अवध विहार,डीएलएफ में काम करने वाले एक हजार मजदूरों को दस रुपए में पौष्टिक भोजन दिया जाता था। आईआरसीटीसी के मुताबिक खाने के रेट 40 रुपए थे। इसमें से 30 रुपए सरकार की ओर से दिए जाते थे जबकि दस रुपए मजदूर से लिए जाते थे। इस योजना को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मजदूर दिवस के दिन शुरू किया था। सरकार ने आईआरसीटीसी के साथ एक साल का अनुबंध किया था। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अश्वनी श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ में अनुबंध समाप्त होने के बाद यहां पर मजदूरों को खाना नहीं दिया जाएगा जबकि गाजियाबाद व नोएडा में योजना जारी रहेगी।

अश्वनी श्रीवास्तव ने बताया कि इस रेल बजट में नई कैटरिंग प्रणाली लागू हुई है। इसमें ट्रेनों व स्टेशनों पर खाने पीने की पूरी जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को सौंपी गई है। ऐसे में आईआरसीटीसी का सारा ध्यान नई कैटरिंग प्रणाली पर है। इसलिए मजदूरों के लिए मजदूरों के लिए सस्ती दर पर मीड डे मील योजना चला पाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि सरकार योजना को आगे बढ़ाना चाहती है। जानकारों के अनुसार सरकार अपने स्तर से भी ये योजना जारी रख सकती है।

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