कांवड़ के मद्देनजर 17 जुलाई की मध्यरात्रि से मेरठ हाईवे होगा बंद

कांवड़ के मद्देनजर 17 जुलाई की मध्यरात्रि से मेरठ हाईवे होगा बंद

मेरठ़ । उत्तर प्रदेश में कांवडियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को 17/18 जुलाई की मध्यरात्रि से मेरठ से रुड़की तक यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा जबकि आज से एक तरफ का रास्ता बंद किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने आज यहां बताया कि कांवडियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने प्रदेश के सभी जिलों में पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या, गोरखपुर के अलावा मेरठ़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर में कांवडियों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हेलीकाप्टर से निगरानी की जायेगी साथ ही ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है।
इसके लिए बडी संख्या में सुरक्षाबलों को लगाया गया है । उन्होंने बताया कि वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या और गोरखपुर में सावन के शुरु होेने पर प्रत्येक सोमवार को कांवडियें शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवडिये हरिद्वार से कांवड के साथ पवित्र गंगाजल लेकर आते हैं ।
वहां सावन की शिवरात्रि को शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया जाता हैं। कांवड लाने वालों में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली एवं हरियाणा से भी शिवभक्त आते हैं। मुजफ्फरनगर तक कांवडियों की सर्वाधिक भीड़ रहती है और उसके बाद शामली ,मेरठ और बागपत के अलावा हरियाणा और दिल्ली के लिए कांवडिये अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं ।
सिंह ने बताया कि कांवड यात्रा शांति पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवडियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेरठ से रुड़की तक हाईवे की एक लाइन यातायात के लिए बंद कर दी गई है। कांवडियों की भीड़ को देखते हुए 17 जुलाई की मध्यरात्रि से संभवत: 22 जुलाई तक बंद मेरठ से रुड़की जाने वाले यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया जायेगा ।
मेरठ से हरिद्वार जाने वाले यातायात को बिजनौर जिले से भेजा जाता है। बागपत जिले के पूरा महादेव के एेतिहासिक शिव मंदिर पर सावन की शिवरात्रि को जलाभिषेक के लिए आसपास के लाखों कांवडिये आते हैं। वहां भी जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
इस बीच, मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक रामकुमार ने बताया कि कांवडियों की सुरक्षा के लिए मेरठ जोन की पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों आरएएफ,एसएसबी,पीएसी की कई कंपनियां लगाई गई है ।
इसके अलावा आतंकवाद निरोधक दस्तों (एटीएस) के कमाण्डों के अलावा एसटीएफ को भी लगाया गया है। सुुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्ड जवानों के अलावा बडी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई। इस संबंध में उत्तराखण्ड और प्रदेश पुलिस के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है । कुमार ने बताया कि इस बार चार से पांच करोड़ कांवडियों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है।
कांवड सुरक्षा के लिए कांवड सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों के अलावा सड़क किनारे वॉच टावर भी स्थापित किए गये हैं। मेरठ में 78 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। कांंवड सुरक्षा के लिए यूपी डायल 100 सुविधा की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि कावंडियों को यात्रा मार्ग में किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो।
सड़क मार्ग को गड्डामुक्त करा लिया गया है। कांवड मार्ग पर बिजली, पानी और चिकित्सा व्यवस्था के साथ ही बडी संख्या में संस्थाओं ने खाने की व्यवस्था भी की है। मुख्य रुप से मुजफ्फरनगर के शिवचौक तक कांवडियों की भीड रहती है । उसके बाद उनकी संख्या में कमी होना शुरु हो जाती है।
कांवडियों की भीड़ के मद्देनजर अनेक स्थानों पर भारी वाहनों के प्रवेश में पाबंदी रहेगी। गौरतलब है कि कांवडियों को पहले से ही सलाह दी गई है कि वे अपना आई डी साथ लेकर चले और डीजे आदि नहीं बजायें। डीजी बजाने पर पहले से ही रोक लगा रखी है ।

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