सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से बिना पास के ही विधानसभा पहुंचते हैं लोग

सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से बिना पास के ही विधानसभा पहुंचते हैं लोग

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत से बिना पास के ही लोग विधानसभा के भीतर पहुंचते हैं। इसका खुलासा भी उस वक्त हुआ जब घटना के बाद सुरक्षाकर्मी मुस्तैद दिखे और चेकिंग में कई बाहुबली व माननीय विधायकों के साथ जाने वाले लोगों को रोका गया।
बताते चलें कि विधानसभा के भीतर जाने के लिए विधायकों व ड्राइवर, समेत वाहन का पास बना रहता है। लेकिन सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की मिली भगत से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना पास के ही भवन के भीतर पहुंच जाते हैं, जिनका उससे कोई लेना देना नहीं होता। तो वहीं कुछ ऐसे विधायक हैं जिनके चेहरों को देखकर ही सुरक्षाकर्मी उन्हें जाने देते हैं और वाहन चेकिंग भी नहीं करते। यह विधानसभा की सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ी लापरवाही है। इसमें विधायकों की भी मिलीभगत है। यह सिलसिला विधानसभा के गेट नंबर एक से लेकर नौ तक दिखायी देता है। कहा जाता है कि विधानसभा की तीन लेयर में सुरक्षा होती है, लेकिन उसके बावजूद इन लोगों को नहीं रोका जाता।
राजनीतिक पार्टियों के कुछ ऐसे भी विधायक हैं, जिन्हें बाहुबली के नाम से जाना जाता है। जब वह विधानसभा में आते हैं, तो उन्हें रोका नहीं जाता बल्कि सेल्यूट किया जाता है। कुछ ऐसे ही विधायकों के नाम प्रकाश में हैं जैसे कि मुख्तार अंसारी, राजा भैया, सुशील सिंह, बृजेश सिंह। कुछ तो ऐसे हैं कि सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकते तक नहीं, चाहे उनके साथ कितने भी लोग हों।
जांच के दौरान यह भी बात प्रकाश में आई है कि विधानसभा के भीतर विधायकों के साथ कई वाहन भीतर चले जाते हैं। लेकिन उनके वाहनों को चेक नहीं किया जाता, जबकि एक विधायक के साथ एक ही वाहन जाने के आदेश हैं। यह भी देखा गया है कि पास वाली विधायक की गाड़ी चाहे जितनी बार भी विधानसभा के अंदर आये-जाये उन्हे सुरक्षाकर्मी चेक नहीं करते। तो वहीं इन्हीं गाड़ियों में भरकर लोग विधानसभा के भीतर पहुंचते हैं।
विधानसभा के अधिकारी, विधायक तथा सूचना विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी वाहन पास का दुरुपयोग करते हैं। इस प्रकार के मामले कई बार में प्रकाश में आ चुका है। जो व्यक्ति वाहन पास के लिए अधिकृत नहीं है, उन्हें भी विधायकों व सूचना विभाग की ओर से वाहन पास मुहैया कराया जाता है। ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें नियमानुसार पास जारी नहीं हो सकता है, लेकिन वे भी अपने वाहन पर पास लगाकर धड़ल्ले से विधानसभा में आते-जाते हैं।
सूत्रों की मानें तो ऐसे कई विधायक हैं, जो एक के बदले कई वाहन पास अपने नाम से जारी कराते हैं और अपने चहेतों को देते हैं। जांच किया जाये तो कई ऐसे वाहन मालिक मिलेंगे, जो विधायक नहीं है, लेकिन उनके गाड़ियों पर विधायकों वालों वाहन पास लगा हुआ मिलेगा।
विधानसभा के भीतर जाने वाले विधायकों के गुर्गे भी दलाली करते हैं। जांच में पता चला है यह गुर्गे गेटों पर लगने वाले सुरक्षाकर्मियों से दोस्ती कर लेते हैं, इसके बाद वह कभी भी विधानसभा के भीतर आ जा सकते हैं उन्हें कोई नहीं रोकता। यहीं नहीं यह लोग सुरक्षाकर्मियों की मदद से विधानसभा में जाने के लिए पास भी बनवा लेते हैं।
विधानसभा के भीतर पहुंचने की ललक विधायक व उनके गुर्गों में इतनी होती है कि वह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। तो सूचना विभाग भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभाता है। विगत दिनों में ऐसे ही कुछ मामला प्रकाश में आए हैं, जहां विधानसभा के भीतर जाने के लिए सूचना विभाग ने तमाम लोगों के लिए वाहन पास बनाये थे। जिसमें मुख्य सचिव को भी संज्ञान में लेना पड़ा था, तो वहीं एक बार फिर सूचना विभाग शक के घेरे में आ गया है।
विधानसभा सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है, जो कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। तो वहीं आगे की सुरक्षा को लेकर कई इंतजाम किये गए हैं, जिसकी शुरुआत आज से ही कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन बहुत सख्त है।

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