पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट

पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट

लखनऊ । प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट पेश करते हुए कहा कि उ.प्र. राज्य सड़क विकास निगम की स्थापना होगी। इसके लिए 50 करोड़ का बजट रखा गया है। पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट है।
उन्होंने कहा कि सड़कों के रखरखाव, गड्ढा मुक्त के लिए 3 हज़ार 972 करोड़ जुटाये गये हैं, वहीं प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हज़ार करोड़, शहरों में मलिन बस्ती विकास के लिए 385 करोड़, बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ और पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, इलाहाबाद में फसलों पर शोध होगा। सेंटर ऑफ इक्सीलेंस की स्थापना के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि गांव को पक्के मार्गों से जोड़ने, छोटे पुलों के लिए 451 करोड़, जिला मुख्यालयों को फोर लेन से जोड़ने के लिए 71 करोड़ तथा मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 288 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके साथ ही 1.50 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की योजना है। सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 598 करोड़ का बजट रखा गया है।
वित्त मंत्री ने पं.दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना की शुरुआत करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसान समृद्धि योजना के लिए 10 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके साथ ही निर्माणाधीन चीनी मिल सठियांव के लिए 33 करोड़ 35 लाख, रमाला सहकारी चीनी मिल के लिए 84 करोड़ का बजट, चीनी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 273 करोड़ के बजट की व्यवस्था की गयी है। वहीं बंद मुंडेरवा चीनी मिल की जगह नये प्लांट के लिए 270 करोड़ जुटाये गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट खाद के लिए 19 करोड़ 56 लाख का बजट, सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर के लिए 10 करोड़ 41 लाख का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने कुशीनगर, गोला गोकर्णनाथ, मथुरा, गोरखपुर, देवा शरीफ, वाराणसी, फैजाबाद, अयोध्या, नैमिषारण्य, चित्रकूट, विन्याचल में बस अड्डों का उच्चीकरण और नव निर्माण करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं के लिए कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना शुरू की जायेगी। बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 40 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके अलावा हवाई पट्टियों के निर्माण, रखरखाव, जमीन अधिग्रहण के लिए 400 करोड़ की व्यवस्था की गयी है।

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