सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने बाल दिवस पर वन्य जीव विहार का उद्घाटन किया

सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने बाल दिवस पर वन्य जीव विहार का उद्घाटन किया


प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए यह कार्य संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, वन विभाग, तहसील विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ है : कमिश्नर संजय कुमार

यहां से जनजागरण, पशु पक्षियों के संरक्षण, पर्यावरण का संरक्षण का संदेश हमारे समाज और प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ की योजना तैयार करके राज्य सरकार को भेजी गई है

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने बाल दिवस के मौके पर आज हैदरपुर नमभूमि क्षेत्र में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए 1221 हैक्टेयर क्षेत्र में वन्य जीव विहार का उद्घाटन किया। कमिश्नर संजय कुमार ने इस मौके पर कहा कि प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए यह कार्य संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, वन विभाग, तहसील विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां से जनजागरण, पशु पक्षियों के संरक्षण, पर्यावरण का संरक्षण का संदेश हमारे समाज और प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ की योजना तैयार करके राज्य सरकार को भेजी गई है। सहारनपुर के वन संरक्षक वीरेंद्र जैन ने कहा कि हैदरपुर नमभूमि क्षेत्र हस्तिनापुर वन्य जीव विहार की सीमा के तहत मुजफ्फरनगर, बिजनौर क्षेत्र में गंगा बैराज के पूर्व व उत्तर की ओर फैला है। उन्होंने कहा कि जैव विवधता के लिहाज से यह क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है। इसमें जलीय पक्षी, नमभूमि के पक्षी, स्थलीय पक्षी, शिकारी पक्षी मुख्य रूप से शामिल हैं। पक्षियों के समूह, बांधों की तलहटी और बड़े तालाबों को अपना रैन बसेरा बनाते हैं। सहारनपुर मंडल में हथिनी कुंड, खारा, मिमोर-शामली प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है।

हैदरपुर वेटलैंड में खासतौर से सुर्खाव, बत्तख, सारस, टेकरी, छोटा राजहंस, कुर्च, गजपाव, सिलही आदि ढाई सौ प्रजातियों के पक्षी नवंबर से फरवरी के अंत तक यहां प्रवास करते हैं। ये प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके यहां आते हैं। यहां इनके लिए उपयुक्त भोजन, प्रजनन, प्रवास और शरीर के अनुकूल माहौल उपलब्ध है। ये पक्षी पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में अहम भूमिका अदा करते हैं। कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस और प्रशासनिक एवं वन अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस झील में चार-माह के दौरान मछलियों के पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहे और कोई भी शिकारी पशु-पक्षियों का शिकार ना करने पाए। कमिश्नर संजय कुमार ने वन विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र को पूर्ण रूप से विकसित करने के लिए यहां पर प्रवासी पक्षियों के अनुकूल बड़ी मात्रा में वृक्षारोपण करें। कमिश्नर ने आज खुद भी वहां वृक्षारोपण किया। मुजफ्फरनगर की जिलाधिकारी सैलवा कुमारी ने इस मौके पर कहा कि कमिश्नर संजय कुमार के प्रयासों से और उनके मार्गदर्शन में हैदरपुर वेटलैंड में पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए बड़ी पहल हुई है।

सहारनपुर के वन संरक्षक वीके जैन ने बताया कि यहां 36 डालफिन पाई गई और वन विभाग ने यहां गंगा में घड़ियाल को भी छोड़ने का काम किया है। यहां का माहौल पूरी तरह से पशु-पक्षियों के रहने के अनुकूल है। इसीलिए साइबेरिया, हिमालय, तिब्बत, लेह आदि से हजारों की संख्या में 350 प्रजातियों के पक्षी यहां आते हैं। मुरादाबाद के वन संरक्षक एससी यादव ने कहा कि मुरादाबाद मंडल भी अपनी ओर से हैदरपुर वेटलैंड को विकसित करने में पूरा सहयोग प्रदान करेगा। मुजफ्फरनगर के जिला वन अधिकारी सूरज, पर्यावरण कार्यकत्र्ता आशीष लोया, विश्व प्रकृति निधि के निदेशक सुरेश बाबू ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कमिश्नर ने वन अधिकारियों के साथ सात किलोमीटर लंबे पथ का निरीक्षण कर प्रवासी पक्षियों के गतिविधियों को नजदीक से देखा और परखा और कैमरे में कैद भी किया। कमिश्नर से संवाददाताओं को बताया कि यह क्षेत्र पक्षी और पर्यावरण प्रेमियों के लिए बड़ें केंद्र के रूप में मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा।

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