सहारनपुर : सहारनपुर जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं टीबी के मरीज, 2025 तक है टीबी मुक्त का लक्ष्य

सहारनपुर : सहारनपुर जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं टीबी के मरीज, 2025 तक है टीबी मुक्त का लक्ष्य


सहारनपुर (गौरव सिंघल)। टीबी के रोगियों की संख्या सहारनपुर जिले में तेजी के साथ बढ रही है। सीएमओ डा. बीएस सोढ़ी ने बताया कि जिले में हर महीने टीबी के नए रोगी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक टीबी के रोगी का निःशुल्क इलाज कर रहा है। डा. सोढ़ी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर जिला अस्पताल में टीबी उपचार की अलग से यूनिट हैं जहां टीबी उपचार की सभी दवाइंया उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि टीबी छुआछूत का रोग है, जो शराब, सिगरेट और प्रदूषित वायु से बढ़ता और फैलता है। मूलरूप से टीबी फेफड़ों में होती है लेकिन रक्त के जरिए शरीर के दूसरे अंगों जैसे किड़नी, लीवर, गर्भाश्य, दिमाग और हड्ड़ी के जोड़ों तक पहुंच जाती है। टीबी के रोगी के खांसने, छींकने मुंह और नाक से निकलने वालीे हवा के जरिए भी स्वस्थ व्यक्ति को टीबी होने की आशंका बनी रहती है। अंधेरे और नमी भरे वातावरण में टीबी होने का ज्यादा ही खतरा रहता है। टीबी का वैक्टीरिया नमी और अंधेरे के माहौल में ज्यादा पनपता है।

उन्होंने लोगाें से ध्रूमपान ना करने और प्रदूषित माहौल से बचे रहने का आग्रह किया। डा. सोढ़ी ने बताया कि जिन लोगों को 15 दिन तक लगातार खांसी रहती है, भूख कम लगती है, सुबह-शाम बुखार आता है, सर्दी में भी पसीना आता है और बलगम में खून आता है, तो मान लेना चाहिए कि उसे टीबी हो गई है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सामुदायिक विकास केेंद्र, हैल्थ सेंटरों पर टीबी की जांच और उपचार की सुविधा जिन लोगों में टीबी के लक्षण दिखाई दें वे स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं लेकर खुद को टीबी से मुक्त करने का काम करें।

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