बैंक आफ इंडिया में हुए करोड़ों के घोटाला मामले में साक्ष्य जुटा रही पुलिस

बैंक आफ इंडिया में हुए करोड़ों के घोटाला मामले में साक्ष्य जुटा रही पुलिस


प्रयागराज। धूमनगंज के सुलेमसराय में स्थित बैंक ऑफ इण्डिया की शाखा के करंसी चेस्ट से कितनी रकम चोरी गई यह तो जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा, हालांकि आरोपित करेंसी चेस्ट अधिकारी को निलम्बित कर दिया गया है। दूसरी तरफ मुकदमा दर्ज होने के बाद धूमनगंज पुलिस साक्ष्य एकत्र करने में लगी हुई है।

क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस बृज नारायण सिंह ने बताया कि सुलेमसराय में स्थित बैंक आफ इण्डिया की शाखा में तैनात करेंसी चेस्ट अधिकारी वशिष्ठ कुमार राम के खिलाफ वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक ने तीन जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें चेस्ट से लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये चोरी करने का आरोप लगाया है। आरोपी कर्मचारी तीन वर्ष से यहां तैनात है। उसने तीन वर्ष में कितने रुपये चोरी किये, यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। आरोपी कर्मचारी को निलम्बित भी कर दिया गया है, लेकिन जब तक पूरा साक्ष्य नहीं मिल जाता, तब तक उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाएगी।

उन्होंने बताया कि मुम्बई मुख्यालय से पहुंची जांच टीम सोमवार को पूरे दिन जांच में जुटी रही और पूरे घोटाले के तह तक जाकर जांच कर रही है। इस घोटाले में दूसरे कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका जतायी जा रही है। पुलिस को अब इस बात का इंतजार है कि घोटाले से जुड़े दस्तावेज मिलते ही आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विधिक कार्रवाई की जाएगी। चेस्ट से निकाल कर अपने खास परिचितों के माध्यम से करोड़ो रुपये ब्याज पर दिए गए तो उससे आने वाला ब्याज कौन खाता था। ऐसे सभी संदिग्धों की जांच जारी है। आरोपित चेस्ट अधिकारी का मूल पता कहां है इसका भी अब तक कोई सुराग बैंक के अधिकारी व कर्मचारी नहीं दे सके।


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