कौशाम्बी: घर के बाहर सो रहे लोगों पर जानलेवा हमला, महिला की मौत, दो गंभीर

कौशाम्बी: घर के बाहर सो रहे लोगों पर जानलेवा हमला, महिला की मौत, दो गंभीर


कौशाम्बी। कोखराज थानाक्षेत्र के कसिया गांव में शुक्रवार को घर के बाहर सो रहे दो अलग-अलग परिवार के लोगों के सिर पर धारदार हथियार से हमल किया गया। जिसमें सोमवदा देवी(60) की मौत हो गई, जबकि पति भइयालाल(65) एवं पड़ोसी युवक दीपक(30) घायल हो गए। घायलों को स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी प्रदीप गुप्ता मामले की छानबीन कर रहे हैँ।

कोखराज के कसिया पश्चिम गांव में एक साल के भीतर यह चौथी बड़ी वारदात है, जिसमें बदमाशों ने पूर्व की घटनाओं की ही तरह लोगों के सिर पर वारकर सभी को मौत की नींद सुलाने की कोशिश की। हालांकि एसपी इस घटना को पूर्व में हुई घटनाओं से अलग बता रहे हैं और जल्द ही खुलासे का दावा भी कर रहे हैं।

एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि अलग-अलग परिवार के लोग जो घर के बाहर सो रहे थे उनके सिर पर प्रहार किया गया है। हमले में एक वृद्धा की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोग अस्पताल में उपचारधीन हैं।

एसपी ने कहा कि एक साल के भीतर हुई घटनाओं से इसको इसलिए भी नहीं जोड़कर देख सकते। इससे पहले जो भी घटनाएं हुई हैं, उसका हमने अनावरण किया है। उसके अभियुक्त अब भी जेल में है। इसमें भी उन्हें कुछ क्लू मिले हैं, जिससे जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।

इससे पूर्व गांव में सात लोगों को घटना का शिकार बनाया गया है, जिसमें सभी के सिर पर वार कर घायल करना और मारना एक जैसा लगने के सवाल पर एसपी ने बताया कि एक साल में तीन घटनाएं हुई हैं, जिसका हमने सफलतापूर्वक अनावरण किया है। इस घटना को वो अलग तरीके से ले रहे हैं। गांव में सुरक्षा के लिए पुलिस बल एवं डायल-100 की ड्यूटी लगाईं जा रही है।

उल्लेखनीय है कि कोखराज थाना के कसिया पश्चिम गांव में अब तक हुई घटनाओं में सबसे पहले साल 2018 में गांव के बाहर झोपड़ी में सो रहे मां-बेटे पर हमला किया गया था, जिसमें मां की मौत हो गई थी और बेटे को इलाज के बाद बचा लिया गया था। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतका सुग्गी देवी के रिश्तेदारों को ही जायदाद के लालच में हत्या का आरोपित बनाकर जेल भेजा था।

जनवरी 2019 में दूसरी घटना इसी गांव में घर के बाहर सो रहे दंपति की हत्या की कोशिश की गई, जिसमें महिला आरती की मौत हो गई थी, जबकि पति को इलाज के बाद बचा लिया गया, जिसका खुलासा पुलिस ने अवैध सम्बन्धो को आधार बनाते हुए किया था।

तीसरी घटना मई 2019 की है। इसमें 45 वर्षीय महिला मंदा देवी और उसकी 18 वर्षीय बेटी खून से लथपथ हालत में घर के बाहर मिली, जिसमें मंदा देवी की मौत हो गई थी और बेटी को डॉक्टरों ने बचा लिया था। इसका भी खिलासा पुलिस ने जून माह में किया है, जिसमें पुलिस ने बेटी के बयान पर पिता को पत्नी की हत्या करने के अपराध में जेल भेजा दिया। लिहाजा आज की घटना का सीन पूर्व की घटनाओं जैसा ही है।


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