दारूल उलूम के छात्रों से सेना में भर्ती होने की अपील

दारूल उलूम के छात्रों से सेना में भर्ती होने की अपील



देवबंद(गौरव सिंघल)। दारूल उलूम की स्थापना के 153 वर्षो में पहली बार एक उच्च सैन्य अधिकारी ने संस्था के छात्रों से सेना में भर्ती होने की अपील की।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सेना भर्ती के अपर महानिदेशक सुभाष शरण ने शनिवार रात देवबंद स्थित दारूल उलूम पहुंचकर वहां के सर्वेसर्वा मोहतमिम मुफ्ति अबुल कासिम नोमानी से मुलाकात की। संस्था ने सैन्य अफसर का स्वागत करते हुये उनकी अपील पर विचार करने की हामी भरी।

संस्था के आधिकारिक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मेजर जनरल सुभाष शरण शनिवार रात करीब आठ बजे दारूल उलूम पहुंचे जहां मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी को उन्होंने श्रीमद भागवत गीता और सेना का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। नोमानी ने भी मेजर को दारूल उलूम के इतिहास की पुस्तकें और साहित्य भेंट किया।

मोहतमिम ने मेजर शरण को बताया कि दारूल उलूम के संस्थापकों, उलमाओं और छात्रों ने देश की आजादी में अहम भूमिका अदा की। दारूल उलूम और जमीयत उलमाएं हिंद ने देश के बंटवारें का विरोध किया और हमेशा ही सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए काम किया। यह संस्था देश की सियासी गतिविधियों से खुद को दूर रखती है।

मोहतमिम ने बताया कि इस संस्था की शिक्षा के जरिए भारत के समाज में खासकर मुस्लिम समुदाय में बड़े सकारात्मक बदलाव आए है। मेजर ने दारूल उलूम की ऐतिहासिक लाइब्रेरी और एशिया की सबसे बडी रशीदिया मस्जिद भी देखी।


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