मेरठ: थाने में लाठीचार्ज के खिलाफ किन्नरों की महापंचायत

मेरठ: थाने में लाठीचार्ज के खिलाफ किन्नरों की महापंचायत

मेरठ। लालकुर्ती थाने में किन्नरों पर लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ रहा है। इसके विरोध में यूपी और उत्तराखंड के कुछ किन्नर गुरु सदर बाजार स्थित डेरे में जमा हुए। यहां पुलिस-प्रशासन के खिलाफ रणनीति तैयार की गई। असली और नकली किन्नरों की पहचान को लेकर भी व्यवस्था बनाने की बात की गई। इस मामले में कोर्ट में शिकायत करने और पुलिस के खिलाफ एक्शन की मांग की गई। दो घंटे तक बातचीत होती रही, जिसके बाद अगली बैठक की जगह तय करने की बात कही गई।

लालकुर्ती में 10 जून को किन्नरों का एक ग्रुप कमल के घर बधाई मांगने पहुंचा था। कमल ने बताया कि उनके क्षेत्र में नीलोफर नामक किन्नर बधाई लेता है और वो उसे ही बधाई देंगे। इसी को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर नीलोफर के कुछ चेले भी मौके पर पहुंच गए। हंगामा हुआ तो पुलिस दोनों गुटों को लालकुर्ती थाने ले आई। पुलिस के सामने किन्नरों के गुट थाने में भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। इस दौरान एक महिला कांस्टेबल को चोट भी आई।

ऐसे में पुलिस ने किन्नरों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई किन्नर घायल हुए थे। इसके बाद नौ किन्नरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और उन्हें जेल भेजा गया। इस मामले में सदर में किन्नरों ने गोपनीय पंचायत की। देहरादून से किन्नर अजयपाल उर्फ तेजस्यानाथ ने कहा कि किन्नरों पर लाठीचार्ज गलत था। पुलिस, अपराधियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं करती। आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि नियमों का उल्लंघन किया गया। आरोप लगाया कि देश के विभिन्न राज्यों में कुछ लोग लिंग परिवर्तन कराकर फर्जी किन्नर बनकर किन्नरों को बदनाम कर रहे हैं। फर्जी किन्नर आए दिन गद्दी पर बैठे किन्नर गुरुओं के साथ अभद्रता करते हैं। पुलिस कोई एक्शन नहीं लेती। किन्नरों के साथ हुई अभद्रता को लेकर पीएम और सीएम से कार्यवाही की मांग उठाई। चेतावनी दी कि यदि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द एक्शन नहीं हुआ तो किन्नर महाआंदोलन करेंगे। दूसरी ओर किन्नरों की गोपनीय पंचायत को लेकर पुलिस-प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया और जानकारी से इंकार करते रहे।

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