शिखर हत्याकांड में एसपी के आरोप की जांच में देरी क्यों : नूतन

शिखर हत्याकांड में एसपी के आरोप की जांच में देरी क्यों : नूतन


लखनऊ - समाजसेवी नूतन ठाकुर ने शिखर श्रीवास्तव हत्याकांड में बाराबंकी के पूर्व पुलिस अधीक्षक डॉ सतीश कुमार द्वारा एसटीएफ के अधिकारियों पर गलत दवाब देने के आरोपों की जाँच में देरी पर एतराज जताया है।

पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि डॉ कुमार द्वारा शिकायत किये दो माह बीत गए हैं, तब डीजीपी ने कहा था कि एडीजी पीयूष आनंद को जाँच सौंप दी गयी है जो एक सप्ताह में जाँच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देंगे, जिसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी उन्होंने स्वयं भी डीजीपी को कई पत्र भेजे तथा एडीजी पीयूष आनंद से भी मिलीं, लेकिन इतने गंभीर मामले में आज तक कार्यवाही नहीं हुई है।

नूतन ने कहा कि डॉ सतीश कुमार को आये धमकी भरे फोन पर दूसरी ओर के अधिकारी की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही है जिसकी सीडी डीजीपी को मिल गयी है। इस पूरी बातचीत में एसटीएफ के आईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मृदुला आनंद की गिरफ़्तारी पर काफी नाराजगी दिखाई जा रही थी। इसके बाद भी अब तक जाँच में कुछ नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में पारदर्शिता के साथ खुली जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में सभी अधिकारी अजीब चुप्पी साधे हैं। उन्होंने कहा कि यदि त्वरित कार्यवाही नहीं की जाती है तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएँगी।

गौरतलब है कि 19 जनवरी 2015 को बहराइच निवासी शिखर श्रीवास्तव उर्फ राजा की लखनऊ से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को बाराबंकी के बदोसराय थाना क्षेत्र में फेंका गया था। इस मामले में शिखर के पिता ने पूर्व विधायक डॉक्टर विजय कुमार और उनकी पत्नी मृदुला आनंद एवं अन्य लोगों पर हत्या का केस बाराबंकी में दर्ज कराया था।

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