वाराणसी मेंं पानी का संकट, "घड़ाफोड़" प्रदर्शन

वाराणसी मेंं पानी का संकट, घड़ाफोड़ प्रदर्शन

वाराणसी। बाबा भोले की नगरी काशी में पेयजल संकट से जूझ रहे आक्रोशित नागरिक मंगलवार को सड़क पर उतर आये। मैदागिन चौराहे पर जुटे नागरिकों ने "घड़ा फोड़" प्रदर्शन के बीच जलकल विभाग और प्रदेश शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन में शामिल सुबहे-बनारस क्लब के मुकेश जायसवाल ने कहा कि पूरे शहर में खास कर पक्के महालों में पेयजल की किल्लत से जूझ रहे नागरिकों के समस्या से जलकल विभाग के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। उन्हें कुंभकरणी नींद से जगाने के लिए मैदागिन स्थित जलकल विभाग के बाहर हाथों में घड़ा लेकर "घड़ा फोड़" प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने कहा कि समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारी हाथों पर हाथ धरे बैठे हैं। गर्मी में पानी के लिए आमजन परेशान है, शिकायत भी कर रही है। लेकिन समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पेयजल के आपूर्ति के दौरान 60 फीसद पानी जलकल के जर्जर हो चुकी पाइप लाइनों से बर्बाद हो जाता है। लाचारगी में लोग बाल्टी और डिब्बा लेकर अपने घरों से बाहर निकल कर अपने घरों के बाहर हैंडपंपों पर लंबी लाइने लगाने को मजबूर हो गए हैं, जहां तहां पानी के लिए मारामारी हो रही है।

प्रदर्शन में नंदकुमार टोपी वाले, चंद्रशेखर चौधरी, अनिल केशरी, डॉ मनोज यादव,पंकज पाठक, विष्णु शर्मा, नत्थू लाल सोनकर, अभिषेक विश्वकर्मा, मनोज पाठक आदि शामिल रहे।


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