बादलों को रिझाने की कोशिश: कलाकारों ने गंगा में खड़े होकर बजायी शहनाई

बादलों को रिझाने की कोशिश: कलाकारों ने गंगा में खड़े होकर बजायी शहनाई

वाराणसी। भीषण धूप और लू से निजात पाने के लिए लोग टोटका भी आजमाने लगे हैं। चाहे आम आदमी हो या कलाकार, हर कोई देवराज इन्द्र से बारिश के लिए प्रार्थना में जुटा हुआ है।

बाबा विश्वनाथ के नौबतखाने में शहनाई बजाने वाले कलाकार महेंद्र प्रसन्ना ने सोमवार को अस्सी घाट पर अपने सहयोगियों के साथ शहनाई बजाकर देवराज को प्रसन्न करने का प्रयास किया। गंगा में खड़े होकर महेन्द्र ने राग मेघ मल्हार बजाकर इंद्र देव को रिझाने का प्रयास किया। वहीं, धरती को ताप से मुक्त कर बारिश से भिगोने की गुहार भी लगाई।

गंगा में कलाकारों के शहनाई वादन को देख वहां लोगों की भीड़ जुट गई। मीडिया से बातचीत में महेन्द्र ने कहा कि संगीत साधक सच्चे मन से धुन छेड़ दे तो बारिश ही नहीं दीया भी रोशन हो सकता है। संगीत के इतिहास में आश्चर्य करने वाले ऐसे कई प्रसंग हैं। उन्होंने कहा कि हम कलाकारों ने सनातनी परम्परा के अनुसार संगीत साधना के माध्यम से इंद्र देव को खुश करने की कोशिश की। ताकि बारिश हो और लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।


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