यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को आखिरकार गिरफ्तार, हुई 36 घंटे पूछताछ

यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को आखिरकार गिरफ्तार, हुई 36 घंटे पूछताछ

एलटी ग्रेड परीक्षा पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने तीन दिन में लगभग 36 घंटे तक उनसे पूछताछ की।

वह सभी सवालों का जवाब नहीं दे सकीं। साथ ही मोबाइल फोन, लैपटॉप की जांच में उनकी संलिप्तता पाई गई है। इसी आधार पर गुरुवार दोपहर उन्हें गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ टीम ने उन्हें गुरुवार देर शाम वाराणसी में विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया।

बुधवार को एसटीएफ ने छानबीन के बाद उनका मोबाइल व लैपटॉप जब्त कर लिया था। आयोग के मुख्यालय स्थित आवास और कार्यालय से कई फाइलें भी सील की गई थीं। जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। गुरुवार सुबह वाराणसी के एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ अनिल राय और सीओ एसटीएफ नवेंदु कुमार टीम के साथ फिर आयोग पहुंचे। यहां परीक्षा नियंत्रक से करीब दो घंटे सवाल-जवाब किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

गत मंगलवार को वाराणसी एसटीएफ ने कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अंजू कटियार को 10 लाख रुपये देने की बात कुबूल की थी। उसके मोबाइल से अंजू व कौशिक के बीच वाट्सएप पेपर को लेकर बातचीत की पुष्टि हुई थी। इस पर मंगलवार रात सर्च वारंट लेकर पहुंची एसटीएफ ने आवास में छानबीन करते हुए चार घंटे अंजू से पूछताछ की थी। फिलहाल परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब दूसरे बिंदुओं पर जांच कर रही है।

मामले में शामिल जौनपुर के रंजीत, संजय, अजीत, अजय चौहान, गाजीपुर के शैलेंद्र, प्रभुदयाल और वाराणसी के गणेश की तलाश अब शुरू हुई है। इन सभी के खिलाफ वाराणसी के चोलापुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एसटीएफ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीओ एसटीएफ नवेंदु कुमार ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया था। उन्हें गिरफ्तार कर वाराणसी भेजा गया है। इस मामले में अगर किसी और की संलिप्तता मिलती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।

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