मोदी की जीत और महागठबंधन की हार ने छीन ली मरघट की शांति : चन्द्रपाल सेंगर

मोदी की जीत और महागठबंधन की हार ने छीन ली मरघट की शांति : चन्द्रपाल सेंगर


फर्रुखाबाद।लोक सभा चुनाव में हुई भाजपा की ऐतिहासिक जीत और महागठबन्धन की हार की चर्चा अब मरघट तक पहुँच गई है।मौजूद समय मे श्मशान घाट राजनीति का अखाड़ा बने हुए है। इस जीत हार ने मरघट की शांति छीन ली है। यह नजारा शनिवार को यहां खुले आम देखने को मिला।

हुआ यह कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम कमालपुर के रहने वाले पूर्व प्रधान योगेंद्र सिंह की मां की ब्रेनहेमरेज से मौत हो गई।उनके अंतिम संस्कार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह तथा भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर भी गंगातट पांचाल घाट पहुचे। चिता जलते ही भाजपा की जीत और गठबंधन की हार पर चर्चा शुरु हो गई। तो किसी ने भाजपा की जीत को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाई गई महत्वा कांक्षी योजनाओं को बताया तो किसी ने मोदी को दलितों के पैर धोने का लाभ बताया।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने भगवांन राम का उदाहरण देते हुए कहा कि राम अयोध्या के राजा थे गर वह सवरी के झूठे बेर न खाते तो उन्हें भगवान नही कहा जाता। कोल भीलो के सहारे ही राम को भगवान का दर्जा मिला। इसी तरह मोदी दलितों का सम्मान कर जनता के दिलो दिमाग पर छा गए है। मोदी को इतनी बड़ी जीत मिलना बहुत बड़ी बात है।

मोहम्मदाबाद से अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर आये सहदेव ने कहा कि वह 29 अप्रैल को उस समय दंग रह गए जब वोट देकर आई अपनी पत्नी शकुंतला से यह पूछा कि उसने किसे वोट दिया है,तो वह कहने लगी जिसने हमे गैस सिलेंडर दिया। तुम्हे चार हजार रुपये दिए हम उसे वोट देकर आये है। कुल मिला कर मौजूदा समय मे जो हालात उतपन्न हुए है।उससे मोदी की जीत और महा गठबंधन की हार ने मरघट की शांति छीन ली है। जिस स्थान को सबसे शांति स्थान समझा जाता था आज वही स्थान राजनीति का अखाड़ा बन गया है।


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