मोदी फैक्टर से दूसरी बार फर्रुखाबाद से सांसद बने मुकेश राजपूत

मोदी फैक्टर से दूसरी बार फर्रुखाबाद से सांसद बने मुकेश राजपूत

फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव में फर्रूखाबाद सीट पर भी मोदी फैक्टर ठीक से चला और दूसरी बार मुकेश राजपूत को मतदाताओं ने सांसद का ताज पहना दिया है। भाजपा उम्मीदवार से नाराज मतदाताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने लिए भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया।

भाजपा को यहां 'किसान सम्मान योजना' का भी लाभ मिला है। तकरीबन 2 लाख मतों से आगे चल रहे मुकेश राजपूत के समर्थक फूले नहीं समा रहे हैं। ढोल नगाड़ें लेकर भाजपा समर्थक जश्न में डूब रहे।

गौरतलब है कि मोदी लहर में 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मुकेश राजपूत ने भाजपा से टिकट लेकर चुनाव लड़ा था। उन्हें टिकट दिलाने में पूर्व मुख्य मंत्री कल्याण सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। 2014 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार मुकेश राजपूत ने सपा उम्मीदवार रामेश्वर सिंह यादव को 2 लाख 25 हजार मतों से हराकर भाजपा की जीत दर्ज कराई थी। 29 अप्रैल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव कुछ मतदाता उनसे नाराज चल रहे थे। लेकिन वह नाराज मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं से संतुष्ट थे।

मतदान के दिन और मतगणना से पहले हिन्दुस्थान समाचार ने चाय पर चर्चा में जब मतदाताओं की नब्ज टटोली तो 'हर-हर मोदी घर-घर मोदी' का नारा हावी रहा। भाजपा को यहां चुनाव जीतने में सबसे बड़ी कामयाबी 'किसान सम्मान योजना' को चलाये जाने से मिली। वोट देने आए किसान रामशरन,दीनानाथ भगवान दीन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली किश्त होली से पहले भेजकर किसानों की होली रंगीन कर दी। इसके बाद 2 हजार रुपये की दूसरी किश्त नवदुर्गा में भेजकर किसानों का दिल जीत लिया।

किसानों ने बताया कि वह सांसद मुकेश राजपूत से नाराज हैं, लेकिन वोट भाजपा को ही देंगे। जिसका मुख्य मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरी बार प्रधान बनाना है। जहां किसान,किसान सम्मान योजना से मोदी का भक्त बना, वहीं महिलायें उज्ज्वला योजना के कारण मोदी की भक्त बन गईं। पढ़े लिखे लोग दुनिया में भारत की पूंछ बढ़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद बन गए। यहां चले मोदी फैक्टर ने मुकेश राजपूत के सिर मतदाताओं ने जीत का सेहरा बांध दिया है।

इस सीट पर भाजपा से जीते मुकेश राजपूत का कहना है कि जनता के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। हो सकता है कि पिछले कार्यकाल में उनसे कोई भूल हो गई हो। उसको अब दोहराया नहीं जायेगा। 'सबका साथ-सबका विकास' योजना पर काम किया जायेगा।


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