बिरहा के शहंशाह पद्मश्री हीरालाल यादव का निधन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया

बिरहा के शहंशाह पद्मश्री हीरालाल यादव का निधन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया


वाराणसी। लोकगायकी बिरहा के शहंशाह पद्मश्री हीरालाल यादव नहीं रहे। लम्बे समय से बीमार चल रहे हीरालाल यादव ने रविवार पूर्वाह्न अपने चौकाघाट हुकुलगंज स्थित आवास पर अन्तिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वाराणसी के बिरहा गायक हीरालाल यादव जी के निधन की खबर से अत्यंत दुख हुआ। दो दिन पहले ही बातचीत कर उनका हालचाल जाना था। उनका निधन लोकगायकी के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके प्रशंसकों और परिवार के साथ हैं।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। बिरहा सम्राट के निधन की जानकारी पाते ही उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं की भीड़ उनके आवास पर जुट गई। बिरहा सम्राट के बड़े पुत्र रामजी यादव ने बताया कि आज शाम को मणिकर्णिकाघाट पर अन्तिम संस्कार होगा। 86 वर्षीय बिरहा सम्राट उम्रजनित बीमारियों के चलते अस्पताल में लम्बे समय से भर्ती थे। आज भोर में चिकित्सकों ने जबाब दे दिया तो परिजन उन्हें लेकर घर आये थे। हीरालाल यादव की पत्नि श्यामा देवी भी उम्र जनित रोगों से बीमार चल रही हैं। हीरालाल यादव अपने पीछे छह पुत्र और तीन पुत्रियों सहित नाती पोतों का परिवार छोड़ गये है।

पूर्वांचल, बिहार, मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में अपनी लोक गायकी का लोहा मनवा चुके हीरा लाल यादव ने ​भोजपुरी फिल्मों में भी साथी बुल्लू यादव (दुनिया में नहीं) के साथ बिरहा गाया था। हीरा लाल यादव के बीमारी की जानकारी पर दो दिन पहले वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लिया था। लोकगायक के सबसे छोटे बेटे सत्यनारायण यादव उर्फ बबलू ने बताया कि दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसी वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर हीरा लाल यादव को पद्मश्री मिलने की घोषणा की गई थी। 16 मार्च को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म अलंकार प्रदान किया। अस्वस्थ होने के बाद भी हीरा लाल राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने भी हीरा लाल यादव से आशीर्वाद लिया था। 70 वर्ष में पहली बार बिरहा गायक को पद्म श्री सम्मान मिला था।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भी इसका उल्लेख भी किया था। उधर बिरहा सम्राट के निधन की जानकारी पर श्रद्धांजलि देने सपा-बसपा गठबंधन उम्मीदवार शालिनी यादव और कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय भी पहुंचे । लोकगायक के निधन पर भाजपा उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी सुनील ओझा ने भी शोक जताया। हीरा लाल यादव का जीवन वृत्त हीरालाल यादव का जन्म वर्ष सात मार्च 1936 को सराय गोवर्धन चेतगंज में हुआ था। पिता स्व. गूदड़ यादव और मां कौशल्या देवी पेशे से गौ पालक थे। प्राइमरी की शिक्षा के बाद हीरा यादव का रुझान बिरहा गायन की ओर हो गया। अखाड़ा गुरु रम्मन दास से उन्होंने विधिवत स्वर साधना सीखी। होरी खलीफा एवं गाटर खलीफा ने उन्हें बिरहा की बारीकी सिखाई। इसके बाद हीरालाल यादव बिरहा के चमकते ​सितारे बन गये। वर्ष 1962 में रेडियो और टीवी के ए ग्रेड के कलाकार बन गये। 9 फरवरी 2015 को उन्हें यश भारती पुरस्कार से नवाजा गया। इसके बाद उन्हें कई पुरस्कार मिले।

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