सुलतानपुर :कहीं पिता तो कहीं पति के नाम से हो रहा भावनाओं में पिरोने का काम

सुलतानपुर :कहीं पिता तो कहीं पति के नाम से हो रहा भावनाओं में पिरोने का काम



लखनऊ।खुद को दीन-हीन, लोगों की सहानुभूति बटोरने के लिए पिता, पति का इतिहास बताना यह राजनीति में पुराना ढर्रा है लेकिन अब कुछ नए रूप में इसको पेश करने की भी होड़ चल पड़ी है। यह देखना है तो सुलतानपुर लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों के बीच चल रहे पर्चा और वीडियो वार को देखिए।

एक तरफ केंद्रीय मंत्री अपने भाषणों में अपने पति संजय गांधी का जिक्र करना नहीं भूलतीं, वहीं महागठबंधन के उम्मीदवार, बसपा से चुनाव लड़ रहे दबंग नेता चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह अपने पिता की हत्या का जिक्र करना नहीं भूलते।

उन्होंने विधिवत एक पर्चा भी छपवा रखा है, जो गांव-गांव में बांटा जा रहा है। वहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कमला यादव अपने पति की हत्या और हत्या आरोपितों के बारे में चर्चा करना नहीं भूलती। कमला के लड़के ने इसके लिए एक विडियो भी जारी किया है।

कमला यादव के पति कानूनगो थे और उनकी हत्या का आरोप महागठबंधन के उम्मीदवार चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह और उनके भाई मोनू सिंह पर ही है, जिसका जिक्र हर वक्त कमला यादव करती रहती हैं। वहीं सोनू सिंह के पिता की भी हत्या की गयी थी। इस पर सोनू सिंह ने एक अपील छपवाई है, जिसमें लिखा है कि "मैं जीवन से कब हारा हूं, जीवन मुझसे हारा है। मैंने सूरज की आंखों में आंखें डाल निहारा है। वो घबराये जिसने झेला कोई झंझावात नहीं। मुझको तो पीड़ा की, लहरों में भी मिला किनारा है।"

इस पर्चें में आगे अपने पिता की हत्या का जिक्र करते हुए छपवाया है कि उनकी हत्या के समय हम दोनों भाई किशोरावस्था में थे। उस समय हमारे अस्तित्व को मिटाने के अनेक असफल प्रयास किये गये। लेकिन आपके सहारे हम दोनों भाई आज तक आपके सम्मान के लिए आपकी आवाज बने हुए हैं।

वहीं कमला देवी का पुत्र सौरभ यादव ने एक विडियो जारी कर कहा है कि जब मैं दस वर्ष का था तो सोनू-मोनू ने मेरे पिता को मार डाला। जिस उम्र में बच्चे अपने पिता की गोद में खेलते हैं, उस उम्र में हमारे सिर से पिता का साया उठ गया। उसने अपील की है कि इन अपराधियों को आप अपना मत न दें। ये पता नहीं कितने बच्चों के सिर से पिता का साया उठा देंगे।

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