गाजियाबाद से मगुलसराय तक रेलवे ट्रैक पर बनेगी सीमेंट की मजबूत चाहरदीवारी

गाजियाबाद से मगुलसराय तक रेलवे ट्रैक पर बनेगी सीमेंट की मजबूत चाहरदीवारी


इटावा। देश के सबसे अहम दिल्ली हावडा रेलवे मार्ग पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये गाजियाबाद से मुगलसराय तक सीमेंट की मजबूत चाहरदीवारी का निर्माण कराया जायेगा ।

उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने गुरूवार को यहॉ बताया कि दिल्ली हावडा रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इलाहाबाद डिवीजन के पांच खंडों में बाउंड्रीवाल बनाने का कार्य होना है। सबसे पहले 40 किलो मीटर की बाउंड्रीवॉल पांचों खंडों में बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा। इसके लिये लिहाज से ढाई सौ करोड खर्च किये जायेगे।

उन्होने बताया कि रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्रीवाल बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पांच चरणों में बाउंड्रीवाल बनाने का काम किया जाएगा । इसके लिए अधिकारियों की टीमें भी बनाईं गईं है। पहले चरण में मुगलसराय से इलाहाबाद, दूसरे चरण में इलाहाबाद से कानपुर, तीसरे चरण में कानपुर से टूंडला, चौथे चरण में टूंडला से अलीगढ़ तथा पांचवें चरण में अलीगढ़ से गाजियाबाद तक कार्य कराया जाएगा। गुप्ता ने बताया कि हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक देश के सबसे व्यस्तम रेलवे ट्रैक में शामिल है । सबसे ज्यादा यात्री ट्रेनों के साथ माल गाड़ियां भी इसी ट्रैक पर चलतीं है । ट्रेनों की लेटलतीफी का एक प्रमुख कारण आए दिन रेलवे ट्रैक पर पशुओं का कटना है। इससे ट्रेनें तो प्रभावित होती ही है वहीं यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । रेलवे इसी कारण से ट्रेनों का संचालन सही ढंग से नहीं कर पा रहा है।

उन्होंने बताया कि रेलवे के आंकड़ों की मानें तो प्रतिदिन 10 से 12 पशु ट्रेनों की चपेट में आते हैं जिससे ट्रेनों का संचालन बिगड़ जाता है। कई ट्रेनें समय से चलतीं है लेकिन अपने गंतव्य स्थान पर देरी से पहुंचती है। रेलवे बोर्ड ने आए दिन ट्रेनों की चपेट में आने वाले पशुओं की इस घटनाओं को गंभीरता से लिया है । रेलवे ट्रैक के आसपास घूमने वाले पशु ट्रैक पर न पहुंच सके इस लिए रेलवे ने ट्रैक के किनारे आरसीसी से निर्मित बाउंड्रीवाल बनाने का फैसला लिया है। बाउंड्रीवाल बनाने के लिए ढाई सौ करोड़ रुपए का भी बजट स्वीकृत किया गया है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू होगा।

रेलवे के उच्चाधिकारियों के लिए देश की पहली सेमीहाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद कैटल रन ओवर की जहां कई घटनाएं हो चुकी है। वहीं अराजकतत्वों के द्वारा इस पर कई बार पथराव भी किया जा चुका है। इटावा में इस ट्रेन की सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं है। सेमीहाईस्पीड ट्रेन की सुरक्षा को लेकर अधिकारी ज्यादा चिंतित है।

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