वाराणसी: थाने के सामने धरना दे रहे छात्रों पर लाठीचार्ज से आक्रोश

वाराणसी: थाने के सामने धरना दे रहे छात्रों पर लाठीचार्ज से आक्रोश



घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे छात्रसंघ पदाधिकारी

वाराणसी। चेतगंज थाने के पास धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना से छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों को देखने के लिए गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी पहुंचे और उनके पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में सुरक्षा का व्यापक प्रबन्ध किया गया था। अस्पताल में घायल छात्रों का बयान लेने पुलिस अफसर भी पहुंचे।

चेतगंज थाने में छेड़खानी के आरोप में हिरासत में लिये गये दो छात्रों को छुड़ाने बुधवार की देर शाम थाने पहुंचे कुछ छात्रों की थाना प्रभारी से बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को जबरन थाने से बाहर कर दिया। इससे नाराज होकर छात्र बीच सड़क पर बैठ कर धरना प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी व महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र भी वहां पहुंच गये।

पदाधिकारियों ने पुलिस पर दोनों छात्रों को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पदाधिकारी छात्रों को छोड़ने की मांग करने लगे। माहौल गरमाता देख पुलिस ने बल प्रयोग करने के साथ लाठी चार्ज कर दिया। इसी दौरान बिजली भी चली गईं। इंस्पेक्टर चेतगंज और अन्य पुलिसकर्मियों के लाठी भांजने से तीन छात्रों के साथ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गये।

घायल छात्रों को उनके साथियों ने मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल छात्रों में शुभम सेठ और आशीष सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। देर रात शहर में माहौल गरमाता देख एसीएम व क्षेत्राधिकारी चेतगंज के साथ ही सिगरा, चौक, दशाश्वमेध, कोतवाली, जैतपुरा समेत कई थानों की फोर्स व स्वाट टीम चेतगंज पहुंची। यहां से पुलिस बल सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में पहुंची और एक छात्रावास की सघन तलाशी भी ली। इस दौरान कोई भी बाहरी छात्र नहीं वहां मिला।

लाठीचार्ज के लिए छात्रों ने पुलिस को कसूरवार ठहराया

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पुस्तकालय मंत्री अमित यादव ने बताया कि एबीवीपी से जुड़े छात्र चेतगंज थाने पर एक कार्यक्रम के आयोजन के लिए इजाजत लेने गए थे। इस दौरान चेतगंज इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्रता की और इजाजत देने से मना कर दिया। जब छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें धक्का मार कर थाने से बाहर कर दिया। इसके बाद नाराज छात्र थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। अचानक इंस्पेक्टर चेतगंज और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।

घटना के बाद एबीवीपी के संगठन मंत्री विजय प्रताप, काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नीलमणी तिवारी, हरिश्चंद्र कॉलेज छात्रसंघ के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली।

दोनों छात्रों की पहले भी हो चुकी थी शिकायत

उधर क्षेत्राधिकारी चेतगंज अंकिता सिंह ने बताया कि तेलियाबाग पुलिस चौकी पर दो युवतियों ने सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के शुभम और मोहित नाम के छात्र पर छेड़खानी का आरोप लगाया। युवती पहले भी दोनों छात्रों की शिकायत कर चुकी थी। इस पर पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले आई। जहां सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र पहुंचकर दोनों को छोड़ने की मांग करने लगे। चेतगंज इंस्पेक्टर ने दोनों को छोड़ने से मना कर दिया तो छात्र उग्र हो गए। इसके बाद बल प्रयोग करके उन्हें खदेड़ा गया। इस मामले में बिना अनुमति के सड़क पर प्रदशर्न व जाम करने पर तीन नामजद समेत 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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