बदली सफाई व्यवस्था पर भाजपा नेता-नगर आयुक्त में भिड़ंत

बदली सफाई व्यवस्था पर भाजपा नेता-नगर आयुक्त में भिड़ंत

लखनऊ। सफाई व्यवस्था बदली तो नाराजगी भी शुरू हो गई। एक एजेंसी को एक वार्ड में सफाई का सम्पूर्ण जिम्मा दिए जाने पर भाजपा नेता और नगर आयुक्त में विवाद हो गया। मामला थाने तक पहुंच गया। भाजपा नेता ने जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त ने भी अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण करने व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। दोनों ओर से तहरीर मिलने पर मामले की जांच बैठा दी गई है। दरअसल भाजपा महानगर इकाई में अनुसूचित मोर्चा के नगर अध्यक्ष सौरभ बाल्मीकि की कार्यदायी संस्था आर्या स्वच्छकर नगर निगम में पंजीकृत है। संस्था को त्रिवेणीनगर स्थित बंधा व उसके आसपास सफाई का जिम्मा दिया गया था। एक वार्ड-एक एजेंसी के तहत एजेंसी को जोन चार में सफाई का जिम्मा दिया गया है। जोनल गैंग में 20 कर्मचारियों को शामिल करने की अनुमति दी गई है।

सौरभ नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। कार्यक्षेत्र बदलने का विरोध करने के साथ सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का दबाव बनाने लगे। नगर आयुक्त ने कहा कि यह उनका अधिकार क्षेत्र है कि किस संस्था को कहां काम देंगे और कितने कर्मचारी लगाएंगे। उन्होंने इस संबध में सुनवाई से इनकार कर दिया। बिना किसी विवाद सौरभ बाहर चले गए। जिस दौरान सौरभ बाल्मीकि नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे थे उस समय राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्यामलाल बाल्मीकि, भाजपा पार्षद कुमकुम राजपूत के साथ कई अन्य पार्षद भी मौजूद थे। सभी ने वाद-विवाद की घटना से इनकार किया है। भाजपा नेता का आरोपसौरभ ने कहा कि वह सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त से मिलने गए थे। नगर आयुक्त ने बिना कोई बात किए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए बाहर निकाल दिया। गलियों का भी प्रयोग किया।

भाजपा नेता व उनके समर्थकों ने नगर आयुक्त पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए हजरतगं थाने पर पहुंच गए। वहां नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के खिलाफ नगर आयुक्त पर मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी। उधर तहरीर की जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त ने भी सरकारी काम में बाधा पहुंचाने व नगर आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण करने की तहरीर दी है। हालांकि अभी किसी की तरफ से मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। सौरभ ने कहा कि अधिकारी का दबाव होने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो रहा है। दोनों तरफ से तहरीर मिलने पर मामले की जांच बैठा दी गई है।

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