मैनपुरी लोकसभा सीट पर भाजपा का कभी नहीं खुला खाता, तीन बार चुनाव जीत चुकी है कांग्रेस

मैनपुरी लोकसभा सीट पर भाजपा का कभी नहीं खुला खाता, तीन बार चुनाव जीत चुकी है कांग्रेस



मैनपुरी। समाजवादी पार्टी का गढ़ कही जाने वाली मैनपुरी लोकसभा सीट हमेशा से चर्चा में रही है। एक बार फिर समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव मैदान में हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी से लोकसभा चुनाव जीता था लेकिन बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट से त्यागपत्र दे दिया। उपचुनाव में मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के पोते और लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप यादव ने परिवार की सियासी विरासत को संभालते हुए जीत दर्ज की थी। तेज प्रताप ने तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य को चुनाव हराया था।

मैनपुरी लोकसभा सीट का इतिहास

2014 के लोकसभा चुनाव में जब पूरे देश में मोदी लहर का असर देखा जा रहा था उस वक्त भी मुलायम सिंह यादव को 595918 वोट मिले थे। यहां पर भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी, जिसे 231252 वोट मिले थे। बसपा को 142833 वोट मिले थे जबकि आम आदमी पार्टी को 5588 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। देखा जाए तो 1996 से लेकर अब तक इस सीट से समाजवादी पार्टी आठ बार लोकसभा का चुनाव जीत चुकी है। मुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे और पांचवी बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस इस सीट से तीन बार लोकसभा चुनाव जीती है, जबकि भाजपा का इस सीट पर एक भी बार खाता तक नहीं खुल पाया। वर्तमान में सपा से तेज प्रताप यादव मैनपुरी से सांसद हैं।

मैनपुरी की मौजूदा सियासी लड़ाई

सपा-बसपा के गठबंधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट सबसे सुरक्षित मानी जा रही है समाजवादी पार्टी से मुलायम सिंह यादव मैदान में हैं तो भाजपा ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। कांग्रेस पहले ही यहां से अपना उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में मैनपुरी लोकसभा सीट का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। मुलायम सिंह के सामने भाजपा मजबूत प्रत्याशी उतारने का मन बना रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के परिवार से भी मैनपुरी लोकसभा सीट पर कोई किस्मत आजमा सकता है। ऐसे में 2014 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे प्रेम सिंह फिर से मैदान में आ सकते हैं। मुलायम सिंह का नाम आने के बाद भाजपा पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के जिले को ध्वस्त करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। हालांकि अब तक के इतिहास में मैनपुरी सीट को जीतना भाजपा के लिए किसी सपने से कम नहीं है। अभी तक मैनपुरी में समाजवादी पार्टी का किला काफी मजबूत रहा है।

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का जातिगत समीकरण

मैनपुरी लोकसभा सीट 2014 के आंकड़ों के अनुसार करीब 13 लाख 26 हजार मतदाता है। एक नजर अगर जातिगत समीकरण पर डालें तो इस सीट पर सबसे ज्यादा यादवों का वर्चस्व है। यहां करीब 35 फीसदी यादव जाति से मतदाता हैं जबकि करीब 2.5 लाख शाक्य मतदाता हैं। यही कारण है कि मैनपुरी लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा बरकरार रहा। इस लोकसभा क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा आती हैं। इनमें से चार विधानसभा मैनपुरी जनपद और एक विधानसभा इटावा जनपद की जसवंतनगर है, जहां से मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव विधायक हैं।


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