बाराबंकी - भाकियू मंडल उपाध्यक्ष ने आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान न करने का लिया फैसला

बाराबंकी - भाकियू मंडल उपाध्यक्ष ने आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान न करने का लिया फैसला


बाराबंकी। बुढ़वल चीनी मिल बंद होने से आहत भाकियू मंडल उपाध्यक्ष निसार मेहंदी ने आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान न किए जाने का ऐलान करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश जिला निर्वाचन अधिकारी तथा जिलाधिकारी बाराबंकी को अवगत कराते हुए बंद पड़ी बुढ़वल चीनी मिल को चालू कराए जाने की मांग की है।

उच्चाधिकारियों को प्रेषित पत्र में उन्होंने कहा है कि जब जब विधानसभा व लोकसभा चुनाव आते हैं तो जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की भीड़ बुलाकर के जनसभाओं में बुढवल चीनी मिल चालू कराए जाने का मुद्दा बनाकर के उनके साथ क्रूर मजाक किया जाता है। लेकिन किसानों का दुर्भाग्य है कि 24 वर्षों से बाढ़ की विभीषिका से रामनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घाघरा की तलहटी में किसानों की गाढ़ी कमाई से लगाई गई गन्ने की फसलें नष्ट हो जाती हैं जो गन्ना बचता भी है तो उसे औने पौने दामों में किसान बिचौलियों के हाथों बेचने पर मजबूर हो जाते हैं।

वर्ष 1990 में तत्कालीन सपा सरकार ने चीनी मिल विस्तारीकरण हेतु किसानोंं की सैकड़ों बीघा जमीन का अधिग्रहण करते हुए परिवार को नौकरी देने का वादा किया था। चीनी मिल का विस्तारीकरण तो दूर बल्कि चीनी मिल ही बंद हो गई जिससे रामनगर विधानसभा क्षेत्र के किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए।

संगठन के माध्यम से किसानों द्वारा बुढ़वल चीनी मिल चालू कराए जाने की समय समय पर मांग भी की गई। मिल तो चालू नहीं हो सकी। लेकिन बुढ़वल चीनी मिल चालू कराएंगे " यह चुनावी मुद्दा जरूर बन गया जिससे आहत होकर दुखी मन से किसानों का नेतृत्व करते हुए भाकियू मंडल उपाध्यक्ष निसार मेंहदी ने आगामी लोकसभा 2019 के चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि यह फैसला मेरा स्वयं का है संगठन से जुड़े किसान व क्षेत्र के किसान स्वतंत्र हैं वह चाहे तो मतदान करें ।

यदि सरकारी तंत्र व सरकार के जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव यानी देश का महात्योहार किसान भी मनाए तो इसके लिए किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बुढवल चीनी मिल का चालू कराया जाना अति आवश्यक हो गया है।

जिससे किसानों को अपनी गाढ़ी कमाई से की गई गन्ना की फसल का उचित मूल्य को मिल सके जिस के संबंध में उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग समेत उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर के बुढ़वल शुगर मिल चालू कराए जाने की मांग किया है ।

Share it
Top